Monday, 18th December, 2017

चलते चलते

पाकिस्तान ने अपने क्रिकेट खिलाड़ियों से ICJ को फिक्स करने की पूछी तरकीब

19, May 2017 By Ritesh Sinha

इस्लामाबाद. कुलभूषण जाधव मामले में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने उनकी फँसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। एक ओर जहाँ इस खबर से भारत में ख़ुशी का माहौल है, वहीँ पाकिस्तान की पोल खुल गई है। लेकिन अंतिम फैसला आने से पहले पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव करने का फैसला किया है। नवाज शरीफ सरकार को लगता है कि ICJ के जजों को फिक्स किए बिना उन्हें जीत हासिल नहीं हो सकती। इसलिए पाकिस्तान सरकार ने उन क्रिकेट खिलाड़ियों से “कुछ” सीखने का निर्णय लिया है, जो दुनिया भर में फिक्सिंग के झंडे गाड़ चुके हैं। पाकिस्तान के लिए एक अच्छी खबर ये भी है कि ICJ में जजों की संख्या भी 11 है, और क्रिकेट में भी 11 खिलाड़ी ही होते हैं। इस तरह उनको अपनी ओर मिलाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

कोर्ट का फैसला आते ही नवाज शरीफ ने निराश होकर कहा कि “ये सब कोर्ट-कचहरी हमारे बस की बात नहीं है, अब तो हमें वही तरकीब अपनानी पड़ेगी, जिसमें  हम एक्सपर्ट हैं।”-कहते हुए वे मोहम्मद आसिफ को फोन मिलाने लगे। जैसे ही आसिफ ने फोन उठाया वे गिड़गिड़ाते हुए बोले “आओ यार! हमारी कुछ मदद कर दो! ये वकील तो सब निकम्मे निकले, अब तो तुम लोगों का ही सहारा है। किसी भी तरह उन जजों को अपनी ओर मिलाओ, नहीं तो मैं किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहूँगा।” यह सुनकर आसिफ के मुंह से निकल गया “मुंह दिखाने के काबिल तो तुम अभी भी नहीं हो!” नवाज शरीफ पानी-पानी हो गए। उन्होंने बस इतना कहा “क्या यार अब तुम भी! पनामा पेपर की आड़ में कोई भी मुझे गालियाँ देके चला जाता है। खैर! कोई बात नहीं, अब तो आदत पड़ गई है। तो मैं कह रहा था कि तुम लोग यहाँ आकर मेरे अफसरों को सिखा दो कि फिक्सिंग कैसे की जाती है?”

“चलो ठीक है सिखा दूंगा! लेकिन दस करोड़ लगेंगे।” -उधर से आवाज आई। “इतने बहुत ज्यादा हैं, कुछ कम करो ना!” नवाज ने हाथ जोड़ते हुए कहा। “अच्छा ठीक है, आठ करोड़ रुपये और दो टाइम का खाना लूँगा, सुबह का नाश्ता अलग से। मंजूर है तो बोलो!” नवाज शरीफ ने हाँ कर दी और फोन रख दिया।

मोहम्मद आसिफ के आलावा सलमान बट और मोहम्मद आमिर जैसे क्रिकेटर भी पाकिस्तान सरकार की मदद करेंगे। जल्द ही ये सभी क्रिकेटर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अफसरों को पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन देंगे जिसका शीर्षक होगा “फिक्सिंग करने के दस आसान रास्ते”

वहीँ, पाकिस्तान की आर्मी ने नवाज शरीफ को जमकर फटकार लगाईं है। कोर्ट में केस हारने पर नहीं, बल्कि फोन पर ज्यादा देर तक बात करने पर। दरअसल, नवाज शरीफ ने मोहम्मद आसिफ से 12 मिनट तक बातचीत कर दी, जबकि उन्हें एक दिन में सिर्फ दस मिनट का फोन कॉल करने की आजादी है। आर्मी ने उनसे कहा है कि दो मिनट एक्स्ट्रा बात करने पर इस महीने उसे आधी सैलरी ही दी जाएगी। उधर, चीन को इन सबसे कोई लेना देना नहीं है, और वो पाकिस्तान की जमीन पर सड़क बनाकर ही खुश है।



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