Monday, 20th November, 2017

चलते चलते

मोदी का साथ नहीं छोड़ रहे थे नेतन्याहू, जेब से सौ का नोट निकालकर दिया, तब माने

07, Jul 2017 By Ritesh Sinha

तेल अवीव. घर में अगर कोई मेहमान आ जाए, तो बच्चे ये सोचकर खुश हो रहे होते हैं, कि ये जाते वक़्त हमें पैसा ज़रूर देगा। अगर कोई विदा होते समय पैसे ना दे. तो बच्चे ऐसे मेहमानों को ‘प्रतिबंधित सूची’ में डाल देते हैं। अगली बार जब वही मेहमान फिर से उनके घर आए, तो वो ज़रा भी खुश नहीं होते! यह सोचकर कि “ये तो जनम का कंजूस है, मुझे क्या देगा!” लेकिन ऐसा सिर्फ हमारे देश में ही नहीं होता, बल्कि इजरायल में भी यही होता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, पिछले तीन दिनों से, मोदीजी के साथ साये की तरह चिपके हुए थे। वो जहाँ-जहाँ भी जाते नेतन्याहू उनके साथ होते थे।

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“छोड़ दे नेतू भाई, मेरी फ़्लाइट छूट जाएगी!”

तीन दिन बाद कल मोदी जी को वहाँ से जर्मनी के लिए रवाना होना था। लेकिन रवानगी के समय एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। नेतन्याहू ने मोदी का हाथ पकड़ लिया और छोड़ने को तैयार ही नहीं हुए। उनके गार्ड्स ने उन्हें समझाया कि ‘जाने दीजिए सर! इन्हें जर्मनी जाना है!’ लेकिन नेतन्याहू कहाँ मानने वाले थे। उन्होंने तो मोदीजी के हाथ को कसकर पकड़ रखा था। “आप मुझे जाने क्यों नहीं दे रहे हैं? क्या चाहिए आपको?” मोदी जी ने पूछा। इस पर नेतन्याहू ने मोदीजी को खींचकर वापस कुर्सी पे बिठा लिया और बच्चों की तरह रोने लगे।

तभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोवाल आगे आए और उन्होंने मोदी जी के कान में धीरे से कुछ कहा। “अच्छा तो ये बात है! पहले बताना चाहिए था ना!”-कहते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जेब में हाथ डाला और सौ का करारा नोट निकालकर नेतन्याहू को पकड़ा दिया। नेतन्याहू ‘ना-ना’ कहते हुए सर हिलाते रहे, लेकिन मोदीजी ने जबरन पैसा पकड़ा दिया और कहा- “मेरे सामने चालाकी नहीं! ऐसे नकली ना-नुकुर हमने बहुत देखे हैं! चलो रख लो!” पैसा मिलते ही नेतन्याहू ने मोदीजी का हाथ छोड़ दिया।

हाथ छूटते ही मोदी जी ने राहत की सांस ली और झट से प्लेन में सवार होने के लिए निकल पड़े। “आखिरी बार गले तो मिल लो!”- नेतन्याहू ने चिल्लाकर कहा। “ना बाबा ना! आया हूँ तब से गले ही तो मिल रहा हूँ, तुम फिर से मुझे पकड़ लोगे!”- मोदी ने दूर से ही जवाब दिया और तेज़ी से विमान की सीढ़ियाँ चढ़ने लगे। मोदी जी के जाते ही वहां के मीडिया ने नेतन्याहू से पूछा कि, “ये आप बच्चों जैसी हरकत क्यों कर रहे थे? लाज नहीं आती आपको?” तो नेतन्याहू ने जवाब दिया कि “मैं चाहता था कि मेरे दोस्त को इजरायल में इंडिया जैसा ही महसूस हो, इसलिए मैं जानबूझकर ये नौटंकी कर रहा था!” -कहते हुए उन्होंने अपना काला चश्मा लगाया और चलते बने।



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