Sunday, 28th May, 2017
चलते चलते

सयुंक्त-राष्ट्र में बोले नवाज़- पाक है अमनपसंद मुल्क, संयुक्त राष्ट्र महासचिव हँसते-हँसते बेहोश

20, Oct 2016 By Pagla Ghoda

सयुंक्त-राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयार्क : हाल ही में हुए सयुंक्त-राष्ट्र सम्मलेन में उस समय हँसी के फव्वारे छूट गए जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ अपनी स्पीच के दौरान अनजाने में कह बैठे “पाक अमनपसंद मुल्क है और पड़ोसी मुल्कों से अमनोचैन चाहता है।” इस वाक्यांश के पूरा होते ही पूरे सभागार में हँसी के ठहाके गूँज उठे। कहा जा रहा है कि खुद संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान-की-मून तो इतनी ज़ोर से फूट-फूट कर हँसे कि चक्कर खाकर गिर गए और बेहोश हो गए।

ठहाके लगाते बान की मून
ठहाके लगाते बान की मून

मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी पाकिस्तानी पत्रकार ने बताया, “जी मैं खुद पाकिस्तान मीडिया से हूँ तो जब जनाब नवाज़ ने पाकिस्तान की अमनपसंद की बात कही तो मुझे थोड़ा अजीब सा लगा पर हंसी तो नहीं आयी। लेकिन देखा के आस पास सब लोग ठहाके मार मार के हंस रहे हैं और बान की मून साहब तो मारे हँसी के कुर्सी से ही गिर पड़े हैं। पेट पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से कह रहे हैं गुजो, गुजो, गुजो। पहले तो समझ नहीं आया के यार ये “गुजो” क्या है। पर बाद में पता चला के बोल रहे थे गुडजोक, गुड जोक, गुड जोक। मैन्नू गुस्सा वि बोत आया जी। मैं केया ओय बान-की, थ्वाड्डी भैंन दी …। ”

स्वयं नवाज़ ने भी बाद में इस बारे में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “अमां यार हमें समझ नहीं आ रहा था के हमने ऐसा क्या लतीफा सुना दिया के पूरी की पूरीमहफ़िल हँसते हँसते पागल हो गयी। पहले पहले तो अच्छा भी लगा के हमारी किसी बात पे लोग काफी रियेक्ट कर रहे हैं। पर बाद में जब समझ आयी के हमारी पाक केअमनपसंद मुल्क होने की बात पे हंस रहे हैं तो थोड़ा बुरा लगा। खैर अब तो आदत से हो गयी है।”

मशहूर पब्लिक स्पीकिंग विशेषज्ञ जॉय जोंगोपात्रा ने इस विषय में अंतिम टिप्पणियां देते हुए कहा, “एक अच्छा वक्ता अपने श्रोताओं को बोरियत से बचाने के लिए अपनी स्पीच में काफी सारे रोचक किस्से गढ़ता है। बीच बीच में लाइट जोक्स भी मारता है ताकि लोग हँसते रहे। मैं समझता हूँ के नवाज़ साहब ने भी वही किया।पाकिस्तान को अमनपसंद बोलना दरअसल खुद पर एक कड़ा परंतु सटीक व्यंग्य था, जिसे बाकी देशों के अधिकारियों ने भी एक लाइट जोक की तरहं लिया। ये दरअसल एक पाठ है जो कि और पब्लिक स्पीकर्स को नवाज़ शरीफ साहब से सीखने की ज़रुरत है। समय की मांग हो तो खुद पे भी जोक मारने से परहेज़ नहीं करना चाहिए।”



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