Tuesday, 25th July, 2017
चलते चलते

ड्रैगन की नयी चाल, कानपुर ज़िले को बताया चीन का हिस्सा

07, Jul 2017 By bapuji

बीजिंग. ज़मीन का भूखा चीन अपनी नापाक हरकत से बाज नही आ रहा। अपने पड़ोसी देशों की सीमा से लगती ज़मीन पर अपना हक जताना चीन की आदत सी हो गये है। ऐसे ही एक घटनाक्रम में चीन ने पूरी दुनिया को उस समय चौंका दिया, जब उसके विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरा कानपुर जिला और इलाहाबाद और बनारस के कुछ सीमावर्ती इलाक़े, चीन का अभिन्न अंग हैं।

Chinese Dragon
कानपुर को ललचाई जीभ से देखता ड्रैगन

खचाखच भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भांग सुंग ली ने गरजते हुए कहा कि “भारत आजकल जिसे कानपुर जिला कहता है, वो असल में पुराने जमाने में चीन का कमलांगपसंदआंग प्रोविंस का एक भाग था और भारत के वाड्रा वंश के एक दुष्ट राजा रॉबर्ट गुप्त प्रथम ने उस पर ज़बरदस्ती कब्जा कर लिया था।”

जब हमारे संवाददाता ने इस नये हक का सबूत माँगने की कोशिश की तो भांग सुंग ली गुस्से से लाल हो गये। पुराने कागज़ातों का हवाला देते हुए भांग जी ने कहा कि” आपने ह्वेंन सांग का नाम सुना है!  ये वही यात्री था, जिसे आप लोग अपने इतिहास की किताबों में पढ़ते हैं। हमें ह्वेंन सांग के दस्तावेज़ और पुरानी डायरी मिली है जी! जिसमें लिखा है कि उसने पूरा कानपुर खरीद लिया था। लेकिन वाड्रा वंश के वहशी राजा रॉबर्टगुप्त प्रथम की नज़र उस पे पड़ गयी और उसने हमारे ह्वेंन सांग भाई को तबीयत से कूट के चीन भगा दिया और पूरे ज़मीन पर कब्जा कर लिया।

अपने पैंट की जेब से पान मसाले की लड़ी निकलते हुए भांग सुंग ली ने आगे कहा कि “सांस्कृतिक रूप से भी चीन और कानपुर बिल्कुल मिलते-जुलते हैं जी! अब मुझे ही देखिए, मैं रोज पचास पैकेट कमला पसंद ख़ाता हूँ। हमारा ड्रैगन भी लाल और पान मसाले की पीक भी लाल! बीजिंग मे भी साँस लेना मुश्किल और कानपुर मे भी! अब ससुरा इससे अधिक और क्या प्रूफ़ चाहिए बे! ” चीनी छोड़कर कनपुरिया भाषा मे हौंकते हुए भांग ने कहा।

बहरहाल, भारत ने उसके इस दावे को सिरे से नकार दिया है। अपनी केसरी ज़ुबान के साथ भारतीय प्रवक्ता ने कहा कि “चीन की हालत हिन्दी फ़िल्मों के लालची ज़मींदार जैसी हो गयी है, जो किसानों की ज़मीन पर कब्जा करने के सपने देखता रहता है। लेकिन कानपुर हमारे देश का अभिन्न अंग है और रहेगा! “



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