Saturday, 24th June, 2017
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छात्रों ने टोरेंट से बैन हटाने की मांग की, कहा- 'स्टडी मैटीरियल' मिलने में हो रही है दिक़्क़त

11, Sep 2016 By Pagla Ghoda

मुंबई. ‘कॉटन एंड बैम्बू कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग’ के छात्रों ने सरकार से सभी प्रकार के टोरेंट्स पर लगे बैन को हटाने की पुरज़ोर मांग की है। छात्रों के अनुसार इंटरनेट पर उपलब्ध पेपर्स, ई-बुक्स और नोट्स इत्यादि जैसे ज़रूरी ‘स्टडी मैटीरियल’ टोरेंट पर आसानी से उपलब्ध हुआ करते थे। पर अब टोरेंट वेबसाइट खोलते ही तीन साल की क़ैद-ए-बामशक्कत की वार्निंग देखते ही छात्रों के पसीने छूट जाते हैं और वो डर के मारे अपने लैपटॉप को तुरंत स्विच ऑफ करके उसकी बैटरी तक निकाल कर रख देते हैं।

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“कहां गया हमारा ये स्टडी मैटेरियल”

एक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म के साथ इंटर्नशिप कर रहे मेटलर्जी इंजीनियरिंग के छात्र प्रमोद पेचकसवाल ने इस बाबत फेकिंग न्यूज़ से बात की और अपना रोष व्यक्त किया। प्रमोद ने सरकार के टोरेंट बैन पर सवालिया निशान लगते हुए कहा, “देखिये सर, हम लोग सीधे साधे स्टूडेंट हैं। हम सिर्फ पढ़ना-लिखना जानते हैं और टोरेंट से हमारी पढाई में और हमारी विषयों को समझने की शक्ति में काफी इज़ाफ़ा होता था। पढाई-लिखाई के अलावा एक छात्र टोरेंट का इस्तेमाल कभी नहीं करता।”

प्रमोद की बातें सुनकर उनकी सहपाठी दो लड़कियां, जो उनके साथ ही खड़ी थीं, giggle करके हंस पड़ीं। उन्हें डांटकर चुप करते हुए प्रमोद ने आगे बताया, “देखिये सर एक विद्यार्थी का फ़र्ज़ होता है विद्या ग्रहण करना, उसका अर्जन करना, फिर चाहे अर्जन करने का स्रोत कोई भी हो। टोरेंट के बैन होने के बाद से बच्चों का तो समझिये पढाई में मन ही नहीं लग रहा। यही हाल रहा तो इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों की एक पूरी जेनरेशन बर्बाद हो जायेगी। सरकार इस बात को समझे और तुरंत एक्शन ले।”

“छात्र एक मजदूर की तरह ही होता है और एक मजदूर अपने हकों और हितों के लिए सड़क पर उतरने से भी गुरेज नहीं करेगा।” -प्रमोद ने मुट्ठियाँ भींचते हुए कहा और छात्रों को एकजुट करने निकल पड़ा।

युवाओं के दिलों की धड़कन साक्षात् यो यो हनी सिंह ने भी एक गूगल हैंगआउट के जरिये अपने रैप स्टाइल में इस पर अपनी टिप्पणी की-

“मैं करूं सारी रात इंतज़ार,

टोरेंट खोजूं बारम्बार,

मूवी डाउनलोड अटका है पर,

खुल्ला है नुक्कड़ का बार,

जब मूवी डाउनलोड हो जाती है,

CD राइट हो जाती है,

मूवी हॉल को मारो गोली,

घर पे दारू पार्टी हो जाती है”

खैर बाद में यो यो ने साफ़ किया कि ये रैप तो उन्होंने युवाओं के बीच जाकर उनके विचार सुनने के बाद लिखा है। एक पर्सनल कैपेसिटी में वो सरकार के कदम के साथ हैं क्योंकि टोरेंट के बैन से दो केस हो सकते हैं। दर्शक या तो बॉलीवुड मूवीज की दो ढाई सौ की CDs खरीद कर देखने लगेंगे या फिर पूरी तरह से बॉलीवुड मूवीज देखना ही छोड़ देंगे। जहाँ पहले केस में बॉलीवुड का निश्चित तौर पे फायदा होगा वहीँ दूसरे केस में दर्शकों का काफी फायदा होगा।



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