Monday, 21st August, 2017

चलते चलते

अपने शहर में Pokemon ना होने से दुखी युवक ने कराया मुंबई ट्रांसफ़र

10, Aug 2016 By banneditqueen

बैंगलोर. इन्फोसिस में काम करने वाले शशांक ‘पोकेमोन गो’ के भारत आने की खबर से काफी खुश थे। यू ट्यूब पर कई सारे ट्यूटोरियल्स देख कर उसे लगा कि वो सारे पोकेमोन पकड़ लेगा। जिस दिन एंड्राॅयड पर पोकेमोन का वर्जन आया, उसी दिन उसने छुट्टी की अर्जी दे दी। पर उसके सभी सपनों पर पानी फिर गया जब उसे पता चला कि बैंगलोर में एक भी पोकेमोन नहीं है।

आॅटो मे बैठकर पोकेमोन ढूँढने जाते शशांक
आॅटो मे बैठकर पोकेमोन ढूँढने जाते शशांक

काफी दिनों तक अपने मुम्बई के दोस्तों के पोकेमोन पर फेसबुक पोस्ट पढने के बाद उसकी सहनशक्ति जवाब दे गई। उसने तुरंत ही HR को मुम्बई तबादले की अर्जी दे दी। ये मामला तब मीडिया में छाने लगा, जब शशांक की अर्ज़ी अस्वीकार कर दी गई और तबादले के लिये उसने प्रधानमंत्री को चिठ्ठी लिख दी। दो दिन पहले फ़ेकिंग न्यूज़ संवाददाता को शशांक ने बताया कि “मैं बहुत परेशान हो चुका हूं, स्काइप चैट पर मेरे मुम्बई-दिल्ली के दोस्त पूरे समय ‘पोकेमोन पोकेमोन’ करते रहते हैं और मैं उनका मुँह देखता रहता हूं, अगर मोदी जी ने भी मेरी मदद नहीं की तो मैं नौकरी छोड़ दूँगा।”

शशांक ने यह भी जानकारी दी कि उसने अपनी बाई से चकली और चिवड़ा भी बनवा लिया था जिसे वो पोकेमोन ढूँढते वक्त खा सके, यही नहीं उसने कई सारे पॉवर बैंक्स भी खरीद लिये थे ताकि रास्ते में बैटरी खत्म होने से कोई दिक्कत न हो। शशांक की बेतुकी माँग को जानने के बाद कम्पनी के मैनेजर ने उसे कम्पनी छोड़ने के लिये कह दिया। शशांक ने भी तुरंत कम्पनी छोड़ दी और ट्रेन पकड़कर मुम्बई पहुँच गया है और अपने ‘मिशन पोकेमोन’ पर लग चुका है।



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