Wednesday, 13th December, 2017

चलते चलते

"मैं मोबाइल के बारे में अपने बेटे से ज्यादा जानता हूँ!" -कहने वाले युवक को दोस्तों ने धोया

03, Dec 2017 By Ritesh Sinha

गुरुग्राम. आजकल के बच्चे मम्मी-पापा बाद में बोलना सीखते हैं, पहले मोबाइल में गाना बजाना सीख जाते हैं। मोबाइल का हर फीचर उन्हें अच्छे से याद रहता है, और वे मोबाइल के बारे में घर में सबसे ज्यादा जानते हैं। लेकिन इस थ्योरी की खिलाफ बोलने वाले सतीश बेदी नाम के एक युवक को उसके दोस्तों ने ऑफिस में ही धो दिया। सतीश की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने यह दावा कर दिया कि वो मोबाइल के बारे में अपने बेटे चिंटू से ज्यादा जानता है।

kid- mobile
व्हॉट्सएप मैसेज चेक करता चिंटू

सतीश गुरुग्राम में एक ऑटोमोबाइल्स कंपनी में काम करता है, जहाँ लंच के दौरान वह अपने दोस्तों के साथ बैठकर गप्पें मार रहा था। बातचीत के दौरान सतीश के बगल में बैठे अजीत सिंघल ने बताया कि, “यार! मेरी बेटी तीन साल की है, लेकिन पूरा मोबाइल घोलकर पी गई है, ‘किस बटन से क्या होता है?’ उसे सब पता है! आजकल के बच्चे इतना तेज़ हैं ना कि क्या बताएं!”

अजीत की बात से सब सहमत थे और हाँ में हाँ मिला रहे थे, लेकिन सतीश इस नाजुक  मौके पर भी हीरो बनने की सोच रहा था। उसने बीच में सबको टोकते हुए कहा, “नहीं यार! मेरा चिंटू अभी पांच साल का ही है और मोबाइल के बारे में मैं उससे ज्यादा जानता हूँ!”

इस तरह दिनदहाड़े झूठ बोलने से सारे दोस्त भड़क गए और उन्होंने सतीश को खोपचे पर ले लिया। “साले! मोबाइल के बारे में आजकल के बच्चों से ज्यादा कोई नहीं जानता! हमारे सामने तो मत फेंका कर! इतना घमंड है तुझे अपनी नॉलेज पर!” -कहते हुए सभी दोस्तों ने उसे खर्चा-पानी देना शुरू कर दिया।

“पिछले दिनों मैं चिंटू से मिला था! बिजली की तरह हाथ चलाता है लड़का फोन पे! और एक तू है, व्हाट्सएप्प चलाना तो आता नहीं और कहता है कि मैं चिंटू से ज्यादा जानता हूँ! तू इंजीनियर होगा ऑटोमोबाइल्स का, लेकिन मोबाइल का इंजीनियर तो तेरा बेटा ही है!” -एक और दोस्त ने उसे लतियाते हुए कहा।

थोड़ी देर बाद सतीश को अपनी गलती का अहसास हुआ, उसने सबसे माफ़ी मांगी और खुलासा किया कि वो हीरो बनने के चक्कर में झूठ बोल गया था। चिंटू के आगे वह कुछ भी नहीं है। यह सुनकर सबने राहत की साँस ली।



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