Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

पासवर्ड याद रखने के लिये ठाकुर साब ने रख लिये दो-दो नौकर

05, Oct 2016 By बगुला भगत

रायबरेली. भवानी जंक्शन रियासत के छोटे ठाकुर हिम्मत सिंह कभी भी अपने पासवर्ड्स याद नहीं रख पाते थे और इस वजह से हमेशा परेशान रहते थे। लेकिन बड़े ठाकुर भवानी सिंह ने उनकी यह प्रॉब्लम सॉल्व कर दी है। ग़ाज़ियाबाद के ‘लवली इंजीनियरिंग कॉलेज’ में कंप्यूटर इंजीनियरिंग पढ़ रहे छोटे ठाकुर के ‘पासवर्डों’ को याद रखने के लिये लिये उन्होंने दो नौकर रख दिये हैं।

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अब छोटे ठाकुर को इस शब्द से कोई डर नहीं लगता

वैसे, छोटे ठाकुर ने अपने सारे पासवर्ड एक जगह लिख के रख लिये थे लेकिन फिर वो यही भूल गये कि उन्होंने वे कहां पे लिख के रखे हैं। दो-चार पासवर्ड होते तो बेचारे याद कर भी लेते लेकिन 85 पासवर्ड कैसे याद रखते! जिनमें से 25 पासवर्ड तो अकेले शॉपिंग साइट्स के ही हैं और बैंक वाले 15 अलग!

“फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हॉट्सएप, जीमेल, याहू, आईसीआईसीआई, पीएनबी, एसबीआई, मेकमायट्रिप, बुकमायशो, आईआरसीटीसी, फ़्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील, जबौंग…” कहते-कहते छोटे ठाकुर का मुंह सूख गया। फिर वो एक गिलास पानी समझकर थोड़ी बीयर पीने के बाद बोले- “जब साली वेबसाइटों के ही नाम याद नहीं हैं तो उनके पासवर्ड कैसे याद रहेंगे!”

“पिछले हफ़्ते बड़े पापा जी ने हमें फ़ोन किया कि ‘हमने नौकर के हाथ पांच लाख रुपल्ली तुम्हारे अकाउंट में डलवा दिये हैं, चेक कर लो!’ हम डरते-डरते बोले कि बड़े पापा, हम तो उस बैंक अकाउंट का पासवर्ड ही भूल गये हैं। तो उन्होंने हमें बहुत डांटा। कहने लगे कि ‘हमारी औलाद होकर तुम अपने पासवर्ड ख़ुद याद रखते हो! क्या हमारे ऐसे दिन आ गये हैं!”

“पांच मिनट डांटने के बाद उन्होंने कहा कि ‘हम रामू काका और मुंशी जी के बेटों को भेज रहे हैं। आज से तुम्हारे सारे पासवर्ड ये दोनों याद रखेंगे। हम हॉस्टल में तुम्हारे रूम के पीछे इनके लिये एक्स्ट्रा रूम बनवा देंगे, हमने तुम्हारे इंस्टीट्यूट के मालिक से बात कर ली है।” -छोटे ठाकुर ने सिगरेट का कश लगाते हुए कहा।

फिर उन्होंने गिलास में घूंट भरा और अचानक टॉपिक बदलते हुए बोले- “यू नो! इलाक़े में सबसे पहला मोबाइल फ़ोन हमारे पास ही था। हम तब भी एक-एक घंटा आउटगोइंग कॉल करते थे, जब इंडिया में इनकमिंग के भी पैसे लगते थे। समझे!”



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