Tuesday, 25th July, 2017
चलते चलते

कैब ड्राइवर ने गूगल और एप्पल मैप्स का नेविगेशन एक साथ चलाया, दोनों मैप्स की महिलाओं में हुई लड़ाई

24, Jun 2017 By Pagla Ghoda

नयी दिल्ली. तम्बोला कैब्स के यात्री सुकेश सवरात्रा को उस समय भंयकर परेशानी का सामना करना पड़ा जब कैब ड्राइवर घनश्याम ने अपने आई फ़ोन पर ऐप्पलमैप्स का नेविगेशन ऑन कर दिया जबकि उसकी कैब ऍप में पहले से ही गूगल का नेविगेशन ऑन था। फिर क्या था जैसे ही ट्रिप स्टार्ट हुई दोनों ही एप के नेविगेशन की महिला वाली ध्वनि अलग-अलग रास्ता बताने लगीं। थोड़ी देर तो दोनों महिलाएं सब्र से रास्ता बताती रहीं पर बाद में दोनों में आपस में तू-तू मैं-मैं होने लगीऔर कैब का एक्सीडेंट होते होते बचा।

Cab Map Navigation
मैप के बताये रास्ते पर चलता घनश्याम

गुस्से से उफनते हुए सुकेश ने बताया, “अजी साहब मैं तो पूरा फंस गया था। एक एप की नेविगेशन-वॉइस बोल रही थी take left, take left, take left और दूसरी एप की नेविगेशन बोल रही थी take u-turn, take u-turn, take u-turn, कैब ड्राइवर भी तेज़ स्पीड से दौड़ा रहा था और कंफ्यूज हो रहा था। मैंने कहा कि भाई एक नेविगेशन बंद कर दे लेकिन उसने कहा नहीं सर कल दोनों एक जैसा बता रहे थे, आज जाने क्यों अलग रास्ते पे ले जा रहे हैं। एक मोड़ पे तो दोनों नेविगेशन इंस्ट्रक्शंस ने कैब ड्राइवर को इतना कंफ्यूज कर दिया कि एक टेम्पो से एक्सीडेंट होते-होते बचा। मैंने उसी टाइम अपना बस्ता कैब से बाहर फेंका, कैब कैंसिल की और ड्राइवर को वन स्टार की रेटिंग दे डाली। हद्द होती है भाई साहब! कुछ लोग टेक्नोलॉजी का ठीक से यूज करना ही नहीं जानते। इसकी तो तगड़ी शिकायत करूँगा।”

इस मामले में अपना बचाव करते हुए ड्राइवर घनश्याम ने सफाई दी, “बाउजी हम का करें। हमरा बिटवा हमें कम्बख्त आई फोन ले दिए हैं। और कैब कंपनी ने हमको माइक्रोमैक्सवा लगावे को कही है, अब दोनों फोनवा में दो अलग-अलग मैडम जी रास्ता बतावें हैं। और ये तो बाउजी सब जानत है कि जहाँ दो लेडीज लोग होती हैं, उहाँ लड़ाई तो होवत ही होवत ही है। अब घर में दो बर्तन रहेगा तो आपस में बजेगा ही ना! इसमें हमरा का दोस? लेकिन हमरा कैब सुपरवाइजर, मैनेजर और कैब का मालिक, सब हमको डांट पिला रहे हैं। अब ये तो दोनों एप का मैडम जी को चाहिए के आपस में मिल बैठ के और अपना सब पिछला झगड़ा निपटा के फाइनली हमें एक ही रास्ता बताएं।”

कैब कंपनी स्वयं इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है पर नेविगेशन विशेषज्ञों की मानें तो अलग-अलग एप अलग-अलग तरह के रूटिंग प्रोटोकॉल इस्तेमाल करती हैं इसलिए उनका अलग-अलग राह पर ले जाना कोई बड़ी बात नहीं है और इस पूरे वाकये का लेडीज की आपसी दुश्मनी से कोई वास्ता नहीं है।



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