Saturday, 29th April, 2017
चलते चलते

घर में बैठे-बैठे "बस रास्ते में हूँ" बोलने वालों का पता लगाएगा एप

17, Oct 2016 By banneditqueen

भोपाल. हम सभी का कोई ना कोई ऐसा दोस्त ज़रूर होता है, जो कभी किसी भी जगह पर सही टाइम पर नहीं पहुँचता। अगर किसी जगह 10 बजे पहुँचना हो तो वो महाशय 12 बजे से पहले दर्शन नहीं देते। आप सुबह से फोन लगा-लगा कर थक जाओ पर उनके कान पर जूँ तक नहीं रेंगती। कुछ दोस्त ऐसे भी होते हैं जिनकी नींद भी नहीं खुली होती पर वो फोन उठाकर बड़े आराम से कह देते हैं कि “यार बस रास्ते में हूँ, पहुँच ही रहा हूँ।”

Mobile App
“जाम में फंसा हूं, बस आधे घंटे में पहुंच रहा हूं”

टाइम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (TIIT) में पढ़ने वाले मनन व्यास ने ऐसे ही एक दोस्त से परेशान होकर एक ऐसा एप बनाया है, जिससे ये पता चल जायेगा कि फोन पर बात करने वाला इंसान घर पर है या बाहर। मनन ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “मेरे कई दोस्तों की आदत है झूठ बोलने की, घर पर बैठे-बैठे ही बोल देंगे कि आधे रास्ते में हैं और मैं हमेशा बेवकूफों की तरह बैठा उनका इंतज़ार करता रहता हूँ। लेकिन अब उनका ये झूठ ज़्यादा दिन नहीं चलेगा। मैंने उनका इलाज ढूंढ लिया है।”

इस एप में कुछ ऐसे सेंसर लगे हैं जो घर की ट्यूबलाइट, पंखे की आवाज़ को माप सकते हैं। अगर व्यक्ति बाहर है तो यह एप सूरज की रोशनी अथवा दूर से आ रही गाड़ियों की आवाज़ को पकड़ सकता है। एप फोन करने वाले को यह मैसज पहुँचा देगा कि व्यक्ति घर में है या बाहर। इस ऐप को सबसे ज्यादा लड़कियाँ डाउनलोड कर रही हैं- अपने ब्वॉयफ्रेन्ड्स का झूठ पकड़ने के लिये। इस एप की वजह से उन लड़कों के ब्रेक-अप हो गये, जो दोस्तों के साथ बाहर घूम रहे थे पर “पापा घर पे हैं, आज नहीं मिल पाऊंगा” का बहाना बनाकर गर्लफ्रेंड से मिलने से बच रहे थे। अब टीचर्स भी इस एप की मदद से यह पता लगा रही हैं कि बीमारी का बहाना करने वाला बच्चा घर पे आराम कर रहा है या फिर बाहर दोस्तों के साथ घूम रहा है।



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