Wednesday, 20th September, 2017

चलते चलते

रवि शास्त्री ने कामवाली बाई को निकाला, अपनी मर्ज़ी से चुनेंगे घर का सारा स्टाफ़

16, Jul 2017 By बगुला भगत

मुंबई. सुप्रीम कोर्ट की कमेटी (CoA) रवि शास्त्री की मांगों के आगे झुक गयी है और ये लगभग तय है कि ज़हीर और द्रविड़ को टीम इंडिया का बॉलिंग और बैटिंग कोच नहीं बनाया जायेगा। सारा कोचिंग स्टाफ़ शास्त्री जी की मर्ज़ी का ही रक्खा जायेगा। इससे उनके हौसले सातवें आसमान पर पहुँच गये हैं और वो अपने घर का सारा स्टाफ़ भी अब अपनी मर्ज़ी से रख रहे हैं। इस कड़ी में कल दोपहर अचानक उन्होंने अपनी कामवाली शांताबाई को नौकरी से निकाल दिया। इस वजह से उनके घर में बवाल मचा हुआ है।

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मेड से नाख़ुश नज़र आते शास्त्री जी

सूत्रों का कहना है कि उनके किसी पड़ोसी ने उनके कान भरे हैं। लगाई-बुझाई के एक्सपर्ट इस पड़ोसी ने शास्त्री को बरगलाते हुए कहा कि “यार, बाहर तो तुम्हारी इतनी चलती है लेकिन अपने ख़ुद के घर में तुम्हें टॉमी भी नहीं पूछता!” शास्त्री जी ने हैरानी से पूछा- “मतलब?”

“मतलब ये कि वे सुप्रीम कोर्ट वाले भी तुम्हारी मर्ज़ी पूछे बिना किसी को जॉब पे नहीं रख सकते। लेकिन यहाँ घर में? यहाँ तो भाभी जी अपनी मर्ज़ी से जिसे चाहे काम पे रख लेती हैं। कभी तुम से पूछा है कि वो मेड किसे रख रही हैं या ड्राइवर किसको रख रही हैं?” -पड़ोसी ने फुसलाते हुए कहा।

“सोचो! जब ये बात बीसीसीआई वालों को पता चलेगी तो क्या इज़्ज़त रह जायेगी तुम्हारी! फिर वे भी तुम्हें घास डालना बंद कर देंगे। इसलिये कुछ करो!” पड़ोसी ने फुसफुसाते हुए कहा।

यह सुनते ही हेड कोच का हेड गरम हो गया। वो दनदनाते हुए घर पहुँचे और पहुँचते ही शांताबाई को निकालने का फ़रमान सुना दिया। पत्नी ने एतराज़  किया तो उन्हें भी साफ़-साफ़ बोल दिया कि “जिन लोगों के साथ मुझे काम करना है, वे मेरी पसंद के होने चाहिये। बस!”

इस घटना पर कुछ समाज-विज्ञानियों का मानना है कि पत्नी से पंगा लेकर शास्त्री जी ने अच्छा नहीं किया। घर में पत्नियों की पावर सुप्रीम कोर्ट से भी ज़्यादा है, इसलिये शांताबाई को निकालना उन्होंने बहुत भारी पड़ सकता है!



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