Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

टीम के ड्रेसिंग रूम में ही खुलेगी अब नाई और टैटूवाले की दुकान, कोहली के आगे झुकी BCCI

21, Jul 2017 By बगुला भगत

मुंबई. टीम इंडिया के प्लेयर आजकल मैदान से ज़्यादा हेयर कटिंग सैलून में और टैटू की दुकान में दिखायी देते हैं। लगता है जैसे उन्हें सैलून में जाने की जल्दी होती है, इसीलिये दो मिनट में ही आउट होकर मैदान से कल्टी हो जाते हैं। कप्तान कोहली हेयर स्टाइल के मामले में भी उनके लीडर हैं। कोहली का हर दूसरे दिन एक नयी हेयर स्टाइल में फ़ोटो आ जाता है। वो चाहे दस मैचों में लगातार एक ही शॉट खेलकर आउट होते रहें लेकिन बालों का स्टाइल चार दिन में ही बदल देते हैं।

Hair- Rohit
‘बॉल’ से ज़्यादा ‘बाल’ पे रहता है भाई लोगों का ध्यान

अपने खिलाड़ियों के इसी हेयर स्टाइल पैशन को देखते हुए बीसीसीआई ने ड्रेसिंग रूम में ही नाई की दुकान खुलवाने के फ़ैसला किया है। सूत्रों का कहना है कि बीसीसीआई ने ये दुकानें कोहली के कहने पर ही खुलवाई हैं और इसमें हेड कोच शास्त्री की भी सहमति है। शास्त्री जी मानना है कि “प्लेयर्स के स्टाइलिश होने में कोई बुराई नहीं है! ड्रेसिंग रूम में ही दुकान होने से प्लेयर्स का आवन-जावन का टाइम भी बचेगा और वो नेट प्रैक्टिस को भी थोड़ा-बहुत टाइम दे पाएंगे।”

हालांकि, बीसीसीआई के कुछ अधिकारी इन दुकानों के खुलने से नाख़ुश हैं लेकिन कोहली के सामने मुँह खोलने की हिम्मत किसी में नहीं है। ऐसे ही एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “आउट होने से ज़्यादा टेंशन भाईसाब (कोहली) को अपने बालों की ही रहती है। हेलमेट उतारते ही वो सबसे पहले अपने बालों को ठीक करते हैं और नज़र हमेशा स्क्रीन पे रहती है।”

“और हो भी क्यों ना! भाईसाब का कंपटीशन भी तो फ़िल्म वालों से है!” -अधिकारी जी ने आँख मारते हुए कहा।

इस बीच, पता चला है कि इन दुकानों के लिये सभी खिलाड़ियों से हर महीने कॉन्ट्रीब्यूशन लिया जायेगा, जिसका भुवनेश्वर, शमी और अश्विन विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि “हम तो अपने राजू से 50 रुपये में एक बार कटवा के चार महीने के लिये फ्री हो जाते हैं। हम क्यों दें इतने रुपये?”



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