Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

श्रीलंकाई क्रिकेट टीम ने भी किया 'पद्मावती' का विरोध, कहा- "रानी पद्मावती के मायके वाले हैं हम!"

13, Nov 2017 By बगुला भगत

कोलकाता. भारत दौरे पर आई श्रीलंकाई क्रिकेट टीम भी ‘पद्मावती’ फ़िल्म के विरोध में उतर आयी है। उसने धमकी दी है कि अगर ‘पद्मावती’ रिलीज़ हुई तो हम ये दौरा बीच में छोड़कर वापस श्रीलंका लौट जायेंगे और कभी भी खेलने नहीं आएंगे और ना ही भारत को कभी अपने यहाँ बुलाएंगे। इस धमकी के बाद ईडन गार्डन्स में 16 नवंबर से खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच पर संकट के बादल मंडरा गये हैं।

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पद्मावती के विरोध में मुँह फुलाये खड़े श्रीलंकाई प्लेयर

श्रीलंकाई टीम के कप्तान दिनेश चंडीमल ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “रानी पद्मावती सिंघल द्वीप यानि हमारे श्रीलंका की रहने वाली थीं। अगर पद्मावती फ़िल्म से हमारे राजपूत रिश्तेदारों की भावनाएं आहत हो रही हैं तो थोड़ी बहुत तो हम मायके वालों की भी होंगी ही!”

“वो हमारे राजा गंधर्व समरवीरा और रानी चंपावती डिसिल्वा की बेटी थीं। इसलिये वो रिश्ते में हमारी बुआजी लगती हैं और हमारी रगों में भी वही सिंघली ख़ून दौड़ रहा है।” -कहते कहते चंडीमल का चेहरा देवी चंडी की तरह क्रोध से लाल हो गया।

इसके बाद चंडीमल और दूसरे प्लेयर संजय लीला भंसाली को गालियाँ देने लगे और उनका पुतला फूंकने लगे। लेकिन ईडन गार्डन्स के ग्राउंड स्टाफ़ ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि “NGT के आदेशानुसार स्टेडियम में पराली जलाना मना है।”

उधर, उनकी इस धमकी पर दिल्ली और मुंबई समेत देश के कोने-कोने से ख़ुशी जताने की ख़बरें आ रही हैं क्योंकि लोग श्रीलंका से मैच देख-देखकर पक चुके हैं। कुछ लोग चंडीमल की इस धमकी को ध्यान आकर्षित करने की चाल मान रहे हैं। उन्हें भारत में आये पंद्रह दिन हो गये हैं लेकिन किसी को पता तक नहीं है!

ईडन गार्डन्स के पिच क्यूरेटर ने भी कल उन्हें ताना मार दिया- “चले आते हैं रोज़-रोज़ मुँह उठाकर!” माना जा रहा है कि इस ताने को सुनने के बाद ही चंडीमल ने पद्मावती वाला यह बयान दिया है।



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