Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

तमिलनाडु के मछुआरों को छोड़ने के बाद श्रीलंका ने कहा- "अब हमारी टीम को भी एक-दो मैच जीतने दो"

21, Aug 2017 By Ritesh Sinha

कोलंबो/नयी दिल्ली. टेस्ट सीरीज़ में बुरी तरह मात देने के बाद कल वनडे में भी भारत ने श्रीलंका को धो दिया। अपनी टीम के खराब प्रदर्शन से श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी बेहद चिंतित हैं। अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और टीम को जीत की पटरी पर लाने के लिए उन्होंने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आज तड़के तमिलनाडु के 50 मछुआरों को उन्होंने रिहा कर दिया। उन्हें रिहा करने के बदले में उन्होंने मांग की है कि टीम इंडिया को अब जान-बूझकर दो-तीन मैच हारने पड़ेंगे। श्रीलंका सरकार के इस कदम के बाद दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हो गया।

India-vs-Sri-Lanka
श्रीलंका की मांग पर हँसते विराट कोहली

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में सुबह एक बैठक बुलाई गई। बैठक में विदेश मंत्री सुषमा जी ने सबसे पहले अपनी बात रखते हुए कहा कि, “देखिए! मैं तो कहती हूँ कि हमें दो-तीन मैच हार जाना चाहिए। असली क्रिकेट तो टेस्ट मैच को ही माना जाता है, और टेस्ट में तो हमने उनको धो ही दिया है! अब वनडे के कुछ मैच हार जाने में कोई बुराई नहीं है! मुझे तो ये फायदे का सौदा लग रहा है!”

इस मीटिंग में राजीव शुक्ला को किसी ने नहीं बुलाया था, लेकिन ‘क्रिकेट’ का नाम सुनते ही वो भी वहां जबरदस्ती पहुँच गए। उन्होंने सुषमा जी को बीच में ही टोकते हुए कहा- “बिल्कुल नहीं! हमारी टीम कोई भी मैच नहीं हारेगी! वरना ब्रॉडकॉस्टर का क्या होगा? कल को श्रीलंका के प्लेयर IPL में भी दस करोड़ माँगना शुरू कर देंगे! फिर मेरा क्या होगा? क्रिकेट टीम चला रहे हैं कि ब्लैकमेल कंपनी!”

शुक्ला जी की यह बात सुषमा जी को बिल्कुल पसंद नहीं आई। उन्होंने तुरंत उन्हें मीटिंग से बाहर करवा दिया। शुक्ला जी को बाहर करने के बाद एक घंटे तक माथा-पच्ची की गई, और यह निर्णय लिया गया कि अगले तीन मैचों में टीम इंडिया हार जाएगी। श्रीलंका फोन लगाकर शिखर धवन को समझाया गया कि “तुमको पहले की तरह 30 रन बनाकर आउट हो जाना है, ये शतक-वतक मारना बंद करो!”

साथ ही, कोहली को भी जल्दी आउट होने के लिए कहा गया। इसके अलावा टीम इंडिया की किस्मत खराब करने के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच को भी वहां ‘पनौती’ बनाकर भेज दिया गया है। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस के किसी बड़े नेता को भी वहां भेजा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसा किया गया तो टीम इंडिया को हारने से कोई नहीं रोक सकता।



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