Monday, 23rd April, 2018

चलते चलते

ऊबर कैब ने पार्थिव पटेल को ऑफ़र की जॉब, कहा- 'अच्छा करते हैं ड्रॉप'

18, Jan 2018 By Guest Patrakar

एजेंसी. दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ ख़राब प्रदर्शन और अधिक कैच छोड़ने के कारण पार्थिव पटेल को अगले मैच में टीम से निकाला जा सकता है। लेकिन पार्थिव को घबराने की ज़रूरत नहीं है। उनके बाहर निकलने से पहले ही उनके लिए एक अच्छी खासी नई नौकरी इंतज़ार कर रही है। कैब कम्पनी ऊबर ने पार्थिव को नौकरी देने फ़ैसला जो कर लिया है।

कैच छोड़ते पार्थिव
कैच छोड़ते पार्थिव

दूसरे मैच के विलन रहे पार्थिव पटेल ने कभी सपने में ही सोचा होगा कि उनके टीम से निकाले जाने की वजह से उन्हें ऊबर जैसी कम्पनी में नौकरी मिल सकती है। दरअसल पार्थिव मैच में साहा की जगह विकेट कीपिंग करने आये थे, लेकिन उन्होंने पूरे मैच में पाँच कैच ड्रॉप किए, जिसमें हाशिम आमला और डु प्लेसी के विकेट भी शामिल थे। इसके बाद उनका निकलना लगभग तय था। ऐसे में नयी नौकरी उनके लिए बिल्कुल वैसे ही थी जैसे मोदी के लिए गुजरात चुनाव में मणिशंकर अय्यर का भाषण।

ऊबर इंडिया के मालिक अमित जैन ने हमसे बातचीत की और पार्थिव पर इस दिलदारी की वजह बतायी। अमित ने बताया “ऊबर भारत की और विश्व की सबसे बड़ी कैब कम्पनी है। हम निरंतर ख़ुद को सुधारते रहते है। फिलहाल हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि कस्टमर हमसे शिकायत करते है कि हमारे ड्राइवर उन्हें सही लोकेशन पर ड्रॉप नहीं करते। मैं इस पर विचार कर ही रहा था कि तभी मेरी नज़र ऑफ़िस में चल रहे मैच पर पड़ी और मैंने देखा पार्थिव कितनी आसानी से कैच ड्रॉप कर रहा है। और जब मैनें सुना कि उनके इस कारनामे के लिए उन्हें टीम से निकाला जाएगा तो मैंने उन्हें ऊबर की नौकरी देने की ठान ली। हम उन्हें ट्रेनिंग इंचार्ज बनाएँगे। यहाँ वह हमारे ड्राइवरो को सही जगह और तरीक़े से ड्रॉप करना सिखाएँगे।”

इस बारे में हमारे संवादाता ने पार्थिव पटेल से बात की और उनकी प्रतिक्रिया ली। पार्थिव ने कहा “मुझे जैसे ही पता चला कि मेरी जगह कार्तिक को बुलाया गया है तो मैं निराश हो गया। पर अब मुझे ख़ुशी है कि टीम से निकाले जाने के बाद भी मुझे घर नहीं बैठना पड़ेगा। कैच ड्रॉप करना तो मेरे लिए नेचुरल है। मैं इतने कैच ड्रॉप करता हूँ कि मेरी पत्नी ने आज तक मेरे हाथ में मेरी बेटी को नहीं दिया है। उसे डर है कि कहीं मैं उसे भी ना टपका दूँ”।

बताया जा रहा है कि इस से पहले 2016 में अमेरिका की पुलिस FBI ने भी विराट की चेसिंग देखते हुए उन्हें पुलिस नौकरी देने का फ़ैसला किया था। लेकिन विराट ने उस ऑफ़र को ठुकरा दिया था।

पार्थिव को ख़ुद को ख़ुशनसीब समझना चाहिए कि उन्हें टीम से निकालने से पहले ही नौकरी मिल गई। वरना ऐसे क्रिकेटर है जो टीम से निकाले जाने के बाद आज भी TV स्टूडियो में बकैती करके घर चला रहे है। और कुछ तो ऐसे ही जिन्हें वह भी नसीब नहीं। ख़ैर भारत अपना दूसरा मैच और टेस्ट सीरीज़ हार चुकी है अब देखना यह होगा कि अगले टेस्ट में पार्थिव के साथ साथ और किस किस के सलेक्शन पर तलवारें चलती हैं।



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