Thursday, 27th April, 2017
चलते चलते

मोदी, केजरीवाल, राहुल और मुलायम ने कैसे की IPL में कमेंट्री, पढ़िये-

12, Apr 2017 By बगुला भगत

पुणे. बीसीसीआई ने मंगलवार को दिल्ली डेयरडेविल्स और राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स के मैच में नेताओं से कमेंट्री कराने का फ़ैसला किया। जैसे ही नेताओं को पता चला कि फ्री में मैच देखेंगे और भाषण भी देंगे, तो देश के कोने-कोने से नेता लोग पुणे पहुंचने लगे और साथ में उनके चेले-चपाटे भी।

हालत ये हो गयी कि स्टेडियम के बाहर दर्शकों से चार गुना नेता पहुंच गये, जिन्हें तितर-बितर करने के लिये पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सिर्फ़ राष्ट्रीय स्तर के कुछ बड़े नेता ही स्टेडियम में घुस पाये। कमेंट्री बॉक्स में पहुंचते ही वे माइक लेने के लिये छीना-झपटी करने लगे। कुछ एक्स्ट्रा माइक मंगाये गये और किसी तरह कमेंट्री शुरु हुई। तो लीजिये, सुनिये पढ़िये, नेताओं द्वारा की गयी स्पेशल कमेंट्री-

"मित्र! मैच जीतने के लिये पिच पे दौड़ते हैं, धरना नहीं देते"
“मित्र! मैच जीतने के लिये पिच पे दौड़ना पड़ता है, धरना नहीं देते”

मोदीः बहनो-भाईयो, पिछले साठ सालों में देश में सिर्फ़ आठ आईपीएल हुए। लेकिन जब से मेरी सरकार बनी है, हर साल आईपीएल हो रहा है और विदेशी निवेश प्लेयर भी आ रहे हैं…

मुलायमः कौंय-कौंय से पहयवान लर रये हैं?

मोदीः पहलवान नहीं लड़ रहे मुलायम जी, किरकिट का मैच हो रहा है। पुणे के प्लेयरों की दुर्गति हो रही है…वो देखो 54 पै 5 हो गये!

मुलायमः कोई बात नयी मोदी जी, लयके हैं, गयती हो जाती है। अब क्या फांसी दोगे इंयै!

केजरीवाल (ताली बजाते हुए): वो देखो, 69 पे 6 हो गये! ये तो दिल्ली के इलेक्शन जैसा स्कोर हो गया…क्यूँ मोदी जी?

मोदी (ठेंगा दिखाते हुए): अपना दिल्ली का पुराना स्कोर भूल गये केजरीवाल बाबू! हर बार नीचे से टॉप करते हो।

केजरीवालः मैं क्या करूं! मुझे मेरे प्लेयर ही नहीं मिलते! धवन, कोहली, ईशांत, नेहरा, भाटिया…दिल्ली के सारे प्लेयर दूसरी टीमों ने छीन लिये।

मोदीः सब दूसरी टीमों में चले गये मित्र! हा…हा…हा!

मुलायमः ये कियकेटय बी हंवाये पासवान की तरह हैं, फायदे के लिये कहीं बी चये जाते हैं।

राहुलः लेकिन मुलायम अंकल, इन टीमों में ना कोई महिला है और ना कोई यूथ! सब बुड्ढे खेल रहे हैं- ज़हीर, मिश्रा, तारे!

केजरीवाल (मोदी जी की तरफ़ इशारा करते हुए): लेकिन गुजरात के लॉयन्स को तो मेरे ये बुड्ढे भी हरा देंगे।

मोदीः आगे देखना मित्र…मेरी तरह फ़ाइनल जीतेंगे मेरे शेर!

लालूः धत्! एक और आउट हो गया! ई पुणे का प्लेयर तो सब बुड़बक है, इनसे बढ़िया तो हमरा फैमली खेल लेता है…दामाद लोग को मिला के पूरा 11 लोग का टीम हो गया है हमरा!

मुलायमः ऊ सव छोयो लाऊ जी! जे बताऔ के इनमै कोई यादौ है कि नयी?

लालूः इनमें कोई यादव नहीं हैं, केकेआर में हैं…दो!

मुलायमः औय ऊ कौंय है, जो जीब निकाय कै हात घुवां रयो है?

मोदीः वो जहीर खान है मुलायम जी।

मुलायमः जे जहीय तौ हंवाये संग कौ है, जे अब भी खेल ययो है।

केजरीवालः मैं फिर कह रहा हूं मोदी जी…मेरे दिल्ली के प्लेयर मुझे वापस दिलवा दो…

मुलायमः अय छोओ केजयी बाऊ! तुंवाये लयके एकदम फिसड्डी हैं। जे कियकिट-वियकिट छोओ औय इनै कुस्ती लयायो!

मोदीः कुश्ती तो केजरीवाल जी रोज लड़ते हैं… मेरे साथ! है के नहीं मित्र! हैं…हैं…हैं!

केजरीवालः मैं कह रहा हूं, मुझे मेरे प्लेयर दे दो…नहीं तो…

मोदीः नहीं तो क्या करोगे?

केजरीवालः नहीं तो मैं धरने पे बैठ जाऊँगा…बता रहा हूं जी मैं!

 (इसी के साथ केजरीवाल कमेंट्री बॉक्स में धरने पर बैठ जाते हैं और माइक का प्लेकार्ड बना लेते हैं)

केजरीवालः लो बैठ गया, अब उठा के दिखाओ मुझे!

(इसी बीच आप और बीजेपी के समर्थक भी कमेंट्री बॉक्स में पहुंच जाते हैं, धक्कामुक्की और नारेबाज़ी शुरु हो जाती है और मैच रुक जाता है)



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