Friday, 22nd September, 2017

चलते चलते

बचपन में कंचे छीनने वाला लड़का हाथ लग गया कोहली के, बैट लेकर दौड़े मारने

30, Mar 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली दुश्मनी को याद रखने के लिये पूरी दुनिया में मशहूर हैं। वो और कुछ बेशक़ भूल जायें लेकिन दुश्मनी कभी नहीं भूलते। यह बात कल एक बार फिर साबित हो गयी, जब उन्हें अचानक वो लड़का दिखाई दे गया, जो बचपन में उनके कंचे छीनकर भाग गया था।।

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नीचे गली में खड़े गप्पू से अपने कंचे मांगते कोहली

हुआ ये कि कोहली चौथा टेस्ट मैच खेलने देखने के बाद कल धर्मशाला से पश्चिम विहार वाले अपने घर पहुंचे थे। जैसे ही वो नहाकर कच्छा सुखाने बालकनी में आये तो उनकी नज़र नीचे खड़े एक युवक पर पड़ी। वो उन्हें कुछ जाना-पहचाना सा लगा। वो दिमाग़ पर ज़ोर डालकर सोचने लगे- “कहां देखा है इस @#$ को! कहां देखा है…साला याद क्यूँ नहीं आ रहा *%$#, #@$!”

“अरे ये तो वही है साला…गप्पू!” -अचानक कोहली के मुंह से निकला। पहचानते ही वो चिल्लाये- “ओए गप्पू, साले मेरे कंचे वापस दे!” युवक ने मुंह उठाकर ऊपर देखा, देखते ही वो भी पहचान गया- “ओ तेरी की! ये तो चीकू है!” पहले तो उसे समझ में नहीं आया कि ये मुझे गालियाँ क्यूँ दे रहा है और मुझसे क्या मांग रहा है लेकिन जब कोहली ने फिर चिल्लाकर कहा- “साले…निकाल मेरे कंचे!” तो उसे बचपन की वो घटना याद आ गयी और वो जान बचाने के लिये दौड़ पड़ा।

कोहली बैट उठाकर चिल्लाते हुए नीचे दौड़े- “रुक साले!” युवक जान बचाने के लिये दौड़ पड़ा। वो आगे-आगे और गाली बकते कोहली पीछे-पीछे। चार गली बाद वो गिर पड़ा और कोहली ने उसे दबोच लिया और एक बोरी गालियाँ देने के बाद कहा- “चल निकाल मेरे कंचे!” वो गिड़गिड़ाया- “यार, इतने साल बाद वो कंचे कहां रखे हैं मेरे पास…भूल जा ना वो सब!”

“चीकू कभी भूलता नहीं है और जिससे एक बार दुश्मनी हो जाये, उसे तो बिल्कुल नहीं!” यह कहकर कोहली ने उसकी ठुड्डी पर बैट लगाकर उसे उठाया और सारी दोपहर पश्चिम विहार की दुकानों पर घुमाया। आख़िरकार तीन घंटे बाद जब एक दुकान पर कंचे मिल गये तो उससे खरीदवाये और अपने 15 कंचे वापस लेने के बाद ही उसे छोड़ा।

फिर जाते-जाते कोहली ने उसे अपना पसंदीदा शेर सुनाया- “दोस्ती जम के करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब दुश्मन हो जायें तो फिर दोस्ती करके शर्मिंदा ना हों!”



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