Sunday, 22nd October, 2017

चलते चलते

"मेरे साथ यही सब होता रहा तो मैं भी किसी दिन लंदन चला जाऊंगा"- कलमाडी

28, Dec 2016 By बगुला भगत

मुंबई. भारतीय ओलंपिक संघ के आजीवन अध्यक्ष चुने गये सुरेश कलमाडी के साथ जो कुछ हो रहा है, वो उससे बेहद आहत हैं। वो इतने आहत हैं कि देश छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। अपने फ़ेसबुक पेज़ पर उन्होंने मजबूर होकर लंदन जाने की बात कही है, जिसका ललित मोदी ने स्वागत किया है। लोगों के ऐसे ही बर्ताव की वजह से देश छोड़ चुके मोदी ने कहा है कि “वैसे तो वो कलमाडी जी यहां कहीं भी घर खरीद सकते हैं लेकिन कुछ महीनों तक वो मेरे कोई से भी घर में रह सकते हैं।”

Kalmadi
लोगों के बर्ताव से दुखी होकर माथा पीटते कलमाडी

कलमाडी ने भारी मन से अपने फ़ेसबुक पेज पर लिखा है- “मुझसे बड़े घोटाले वाले भी इतनी बेइज़्ज़ती नहीं झेल रहे, जितनी मैं झेल रहा हूं। इससे तो अच्छा था कि मैं और भी ज़्यादा बड़ा हाथ मारता।”

“मैंने खेलों के लिये खरीदारी में अपना जीवन समर्पित कर दिया। अपने पैसे को सदा देश का पैसा समझा और देश के पैसे को अपना। खेलों की भलाई में ऐसा डूबा कि कभी इस बात का ध्यान ही नहीं रहा कि पैसे कौन से अकाउंट से खर्च हो रहे हैं।”

वो आगे लिखते हैं कि “जब मुझे जेल हुई तो सिस्टम से मेरा भरोसा उठ गया था लेकिन जब कुछ ही महीनों में मुझे ज़मानत मिल गयी तो इस सिस्टम पर मेरा भरोसा पहले से भी ज़्यादा बढ़ गया। देश की ज्युडिशरी के लिये मेरे मन में श्रद्धा जाग गयी। लेकिन मेरा वो भरोसा अब फिर से डगमगाने लगा है।”

“वैसे तो सारी पार्टियों के नेता बहुत भले और को-ऑपरेटिव हैं लेकिन क्या है कि वे कभी-कभी आपस के झगड़े सैटल करने के चक्कर में हमारा भी नुकसान कर देते हैं।” इसके बाद उन्होंने लिखा- “नेताओं के बारे में बाक़ी बातें अगली पोस्ट में…।”

अभी-अभी पता चला है कि कलमाडी की ही तरह खेल-प्रेमी रहे विजय माल्या ने भी उन्हें लंदन आने का निमंत्रण दिया है। माल्या का रिएक्शन आने में इतनी देर इसलिये हो गयी क्योंकि रात को पार्टी में मेहनत करके वो काफ़ी देर से सोये और दोपहर को चार बजे सोकर उठे। उठते ही उन्होंने सबसे पहले कलमाडी जी को ट्विटर पर मैसेज भेजा- “अभी भी देर नहीं हुई है, आ जाओ! वहां से निकलने की टेंशन मत लो, वो सब मुझ पे छोड़ दो!”



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