Thursday, 22nd June, 2017
चलते चलते

टीम की क़िस्मत सुधारने के लिए 'गुजरात लॉयन्स' का नाम बदलेगा, नया नाम होगा 'गुजरात के गधे'

17, Apr 2017 By GADHEKI DUM

राजकोट. इस बार के आईपीएल में गुजरात लॉयन्स टीम का अब तक का सफर निराशाजनक ही रहा है और उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा। टीम के मालिक श्री केशव बंसल ने कई ज्योतिषियों-न्यूमेरोलॉजिस्ट्स से सलाह-मशविरा किया। अंत में यह तय हुआ कि टीम का नाम ‘गुजरात लॉयन्स’ से बदलकर ‘गुजरात डोंकीज’ (गुजरात के गधे) रख दिया जाये। गुजरात के गधों की खासियत है कि जो कोई उनका विरोध करेगा, उन्हें गधे की दुलत्ती अर्थात हार का स्वाद चखने को मिलेगा (यक़ीन ना हो तो अखिलेश यादव जी से पूछ लो)। इस हिसाब से सभी विरोधी टीमें गुजरात के गधों से हार जायेंगी, ऐसी बंसलजी की कैलकुलेशन है।

Donkey
ख़बर सुनकर ख़ुश होते गुजरात के गधे

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन इस टीम के ब्रांड एम्बेसडर होंगे। उन्हें गुजरात के गधों के प्रचार एवं उत्साहवर्धन का अच्छा खासा अनुभव है। अखिलेश यादव  को टीम के कोच अथवा मेंटर बनाने का भी इरादा था, क्योंकि एक तो वे आजकल खाली हैं, दूसरा वे बहुत अच्छे क्रिकेट खिलाडी भी हैं। मगर यूपी के चुनावों में वो रनर-अप रहे थे, यही बात उनके ख़िलाफ़ जा रही है। टीम के मालिक टीम को विनर के रूप में देखना चाहते हैं ना कि रनर-अप के रूप में!

लेकिन इस नये नाम से टीम के खिलाड़ी खासे नाराज़ हैं। उनका कहना है कि टीम के मालिक अपने फायदे के लिए हमारी इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कप्तान सुरेश रैना ने जब बंसलजी से इस बारे में बात की, तो उन्होंने पहले तो रैना को प्यार से समझाया। लेकिन जब रैना अड़े रहे और इस्तीफे की धमकी देने लगे तो बंसलजी ने उन्हें कोने में ले जाकर कहा- “देखो भाई, टेस्ट टीम में तो अब तुम जिंदगी भर सेलेक्ट नहीं हो सकते और सिर्फ़ टी-20 की आमदनी से तुम्हारा घर चलने से रहा। सब जानते हैं कि आईपीएल की परफ़ॉर्मेंस के आधार पर ही तुम्हारा सलेक्शन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हो सकता है। ऐसे में अगर तुम टीम छोड़ के जाओगे तो नुकसान तुम्हारा ही होगा।”

रैना को भी समझ में आ गया कि अगर लोग मजबूरी में गधे को बाप बना लेते हैं तो ख़ुद गधा बनने में क्या प्रॉब्लम है! इसलिये वो बंसल जी के समझाते ही ‘ढेंचू-ढेंचू’ करते हुए टॉस के लिए निकल पड़े।



ऐसी अन्य ख़बरें