Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

खाली बैठी अपनी चीयरलीडर्स को भाड़े पर देगी दिल्ली डेयरडेविल्स

01, May 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. आईपीएल में नीचे से पहले नंबर पर चल रही दिल्ली डेयरडेविल्स के मैनेजमेंट ने कमाई करने का एक नया तरीक़ा ढूंढ निकाला है। टीम मैनेजमेंट ने फ़ैसला किया है कि टूर्नामेंट के बाक़ी बचे मैचों में वो अपनी चीयरलीडर्स को दूसरी टीमों को भाड़े पर देंगे। किंग्स इलेवन के ख़िलाफ़ कल टीम के 67 रन पर ढेर होने के बाद उन्होंने यह फ़ैसला किया है।

DD cheerleaders
खाली समय में टहलकर टाइम पास करतीं दिल्ली की चीयरलीडर्स

हर साल की तरह इस साल भी प्वॉइन्ट्स टेबल की पेंदी पे क़ब्ज़ा जमाये बैठी डेयरडेविल्स के मालिक जीएम राव ने अपनी चीयरलीडर्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “हम इत्ते पैसे खर्च करके इन्हें यहाँ लेकर आये हैं और ये सारा टाइम खाली बैठी रहती हैं। अब तक इन्हें दो-चार बार ही नाचने का मौक़ा मिला है। बाक़ी सारा टाइम बैठी रेड बुल पीती रहती हैं।”

“दस सालों में हमारे खिलाड़ियों ने 10 छक्के भी नहीं मारे। इसलिये हर साल घाटे में रहते हैं। बस अब तो इन्हीं से थोड़ी-बहुत कमाई होने की उम्मीद है।” -अपनी चीयरलीडर्स की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखते हुए राव ने कहा।

“लेकिन अभी तो आपकी टीम के 6 मैच बचे हुए हैं, अगर किसी प्लेयर ने ग़लती से कोई बाउंड्री मार दी तो उस पे कौन नाचेगा?”, यह सुनकर वो हंसने लगे और अपने एक प्लेयर की पीठ पर हाथ मारते हुए बोले, “तो उन पे हमारे बैंच वाले प्लेयर ठुमका लगा लेंगे, पानी पिलाने के बाद ये और करते ही क्या हैं!”

“तो अपनी चीयरलीडर्स को लीज पर आप किसे देने वाले हैं?”, इसके जवाब में राव बोले- “हैदराबाद, पुणे और मुंबई से काफ़ी डिमांड आ रही है। उन लोगों को तो चीयरगर्ल्स की हर साल शॉर्टेज पड़ती है। उनके प्लेयर तो बेचारियों का तेल निकाल देते हैं, एक मिनट भी चैन से नहीं बैठने देते। छक्के मार-मारकर ओवरटाइम कराते रहते हैं।”

“एक्चुअली, हम तो अपनी टीम के एंथम ‘धुआँधार दिल्ली’ को भी दूसरी टीमों को बेचना चाह रहे थे लेकिन कोई लेने को तैयार ही नहीं हुआ। उसमें जो ‘दिल्ली’ वर्ड है ना, उसकी वजह से प्रॉब्लम हो रही है।” -राव ने निराशा जताते हुए कहा।



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