Tuesday, 23rd May, 2017
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फेडरर-नडाल मैच और टी-20 के दौरान अत्यधिक नाखून चबाने से युवक हॉस्पिटल में भर्ती, हालत नाज़ुक

30, Jan 2017 By Pagla Ghoda

मुम्बई. बोरीवली का स्पोर्ट्सप्रेमी बत्तीस वर्षीय युवक फणीश फोत्तेदार जो आजकल खुद को ‘फेड’ कहने लगा है, कल रात पौने नौ बजे ‘पेशेंट्स चॉइस हस्पताल’ के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। फेडरर-नडाल के टेनिस मैच और इंडिया-इंग्लैंड के टी-20 दोनों में हुए ‘नेल बाइटिंग’ फिनिश के कारण फणीश उर्फ़ फेड ने अपने हाथों के सारे नाखून इस कदर चबा डाले कि उसकी बत्तीसी में तीव्र दर्द हो गया और वो टीवी देखते-देखते ही बेहोश हो गया।

nail biting stress
मैच देखता और नाखून चबाता फणीश फोत्तेदार

फणीश के पिता कवीश फोत्तेदार ने बताया कि उसकी हालत अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। दुखी स्वर में कवीश बोले, “अजी क्या करें इस लड़के का? परेशान कर रखा है इसके स्पोर्ट्स प्रेम ने। स्पोर्ट्स खेलता कम है, देखता ज़्यादा है और देखते-देखते उस गेम के लिए इतना सेंटी हो जाता है कि दीन-दुनिया की कुछ खबर नहीं रहती इसे। आज से कई साल पहले नेटवेस्ट फाइनल के दौरान इसने कपड़े करने वाली इस्त्री से अपना हाथ जला लिया था। अभी कुछ दिन पहले हुई इंडिया-इंग्लैंड ओडीआई सीरीज के दौरान ये टीवी देखते-देखते राजमा चावल के साथ पेपरवाली प्लेट भी खा गया था। गला चोक करने लगा था, बड़ी मुश्किल से प्लेट इसके थ्रोट से निकाली गयी।”

“एक बार घर का टीवी कटवाया तो इसने खाना-पीना छोड़ दिया और आजकल तो भाईसाहब फ़ोन पे ही सब कुछ आ जाता है तो अब तो वो टीवी कटवाने वाला चारा भी नहीं है। बगल वाले शर्मा जी का बेटा तो कितने सालों पहले ही इंजीनियरिंग करके नौकरी ढूंढ रहा है, लेकिन हमारे साहबज़ादे पता नहीं कौन सा बीकॉम का कोर्स कर रहे हैं पिछले कई सालों से। इससे अपने बीकॉम के पेपर तो पास होते नहीं, लेकिन हाँ 1978 में वेस्ट इंडीज के किस बैट्समैन ने पांचवे टेस्ट की चौथी इनिंग में कितने रन मारे थे, ये अच्छी तरह याद है बरखुरदार को! अरे कमबख्त तू तो तब पैदा भी नहीं हुआ था।”

फणीश की माताजी संहिता देवी ने उनके पिता को डांटकर चुप कराया और कहा, “बस भी कीजिये आप! बच्चा ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहा है और आप उसे कोसे जा रहे हो औरों के सामने! आपकी अपनी ही औलाद है, गोद लिया हुआ नहीं है। देखिये, स्पोर्ट्स का एक्सपर्ट है मेरा बेटा! पूरे मोहल्ले में उसकी काफी इज़्ज़त है इसी वजह से। वो तो आज इन मैचों के चक्कर में उसने ढंग से खाना नहीं खाया पूरे दिन, और ये नेल बाइटिंग फिनिश का थोड़ा स्ट्रेस ले बैठा, बस इसीलिए बेहोश हो गया है। देखना एक दिन बहुत बड़ा क्रिकेट या टेनिस कमेंटेटर बनेगा मेरा लाल…वो कौन है…हर्षा भुगतले या अरुण वागले की तरह!”

इसी बीच, डॉक्टर ने आकर फणीश के पिताजी से आकर उनकी कंपनी इंश्योरेंस का नाम पूछा और उन्हें दवाइयों इंजेक्शनों इत्यादि की एक लंबी लिस्ट पकड़ा दी। इस खबर के लिखे जाने तक फणीश को थोड़ा होश आ गया था और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत में सुधार भी था। हालाँकि नर्स के अनुसार वो अभी तक सदमे से पूरी तरह बाहर नहीं आया था और नींद में ही बड़बड़ा रहा था, “बुमराह थोड़ी पेस बढ़ा नहीं तो राफा मिड ऑफ के पास से गोल करके थ्री पॉइंटर ले लेगा।”



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