Saturday, 21st October, 2017

चलते चलते

गेंदबाजों को पिच से नहीं मिल रही है मदद, केंद्र सरकार देगी रोजगार गारंटी भत्ता

17, Jun 2017 By Ritesh Sinha

लंदन/नयी दिल्ली. क्रिकेट के गेम में आजकल गेंदबाज़, सिर्फ गेंद फेंकने की मशीन बन गए हैं। इतनी सपाट पिच बनने लगी है कि ना ही बॉलर की गेंदें स्विंग होती हैं, और ना ही उन्हें पिच से कोई मदद मिलती है। चैम्पियंस ट्राफी के मैचों ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। हर मैदान सिर्फ बल्लेबाओं के लिए बनाई गई है, बेचारे गेंदबाज़ तो रोज़गार गारंटी के मजदूर बन गए हैं, दूर से दौड़कर आते हैं, और चौंका खाकर वापस चले जाते हैं।

भत्ता लेने आते खिलाडी
भत्ता लेने आते खिलाडी

इसी समस्या पर चर्चा करने के लिए सभी टीमों के बॉलर्स के बीच मीटिंग रखी गई थी। मीटिंग में शामिल होने आए लसिथ मलिंगा ने गुस्सा होते हुए कहा कि “कोई मुझे पिच क्यूरेटर का एड्रेस तो दो! फुर्सत निकालकर पीटता हूँ उसे। ये क्या पिच बनाई है? क्या सिर्फ बैट्समैन ही क्रिकेट खेलते हैं क्या? हम यहाँ पर क्या घास छीलने आए हैं?” यह देखकर बुमराह ने उसे शांत कराया “शांत हो जा भाई! तेरी जैसी हालत हम सबकी है! और फिर पिच क्यूरेटर को पीटके क्या मिलेगा? जैसा पिच बनाने के लिए कहा गया था, वैसा उसने बना दिया।”

बुमराह को ज्ञान बांटता हुआ देखकर मिशेल स्टार्क ने टोका “अरे ओ बुमराह! ज्ञान मत दे, क्या करना है ये बता?” मौका देखकर वहाब रियाज़ ने कहा कि “आप लोग अपना देख लो, मेरा क्या है? मैं तो यॉर्कर से काम चला लूँगा!” इतना सुनते ही वहां मौजूद सभी लोग भड़क गए। “साले! कम से कम हमारे सामने तो इतना मत फेंका कर। आखिरी बार यॉर्कर कब फेंका था तूने याद भी है, सबसे ज्यादा मार खाया है फिर भी अक्ल नहीं आई तुझे!” इस तरह सभी खिलाड़ी आपस में ही झगड़ते रहे और कुछ भी निर्णय नहीं हो पाया।

गेंदबाजों की इस हालत पर भले ही ICC ने आँख मूँद ली हो लेकिन केंद्र सरकार ने बॉलर्स को रोज़गार गारंटी भत्ता देने का एलान किया है। यह भत्ता भारतीय टीम के आलावा पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश के गेंदबाजों को भी मिलेगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने इस योजना की शुरुआत करने के बाद पत्रकारों को बताया कि “देखिए! इन बॉलर्स की हालत हमसे भी नहीं देखी जाती। ज्यादातर विकेट रन आउट से या मिस-हिट से हो रहे हैं, इसीलिए हमने उनका दिल रखने के लिए इस योजना की शुरुआत की है, इस योजना के तहत गेंदबाजों को रोजगार गारंटी भत्ता दिया जाएगा। साथ ही इस योजना का लाभ हमारे पड़ोसी देशों के बॉलर्स भी उठा सकते हैं।” इस योजना की खबर सुनकर सभी गेंदबाजों ने ख़ुशी ज़ाहिर की है।



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