Sunday, 22nd October, 2017

चलते चलते

भारतीय टीम के कोच चुने गये 'चौंकपुर चीताज' के कोच सर, जल्द होंगे वेस्टइंडीज़ रवाना

26, Jun 2017 By Vish

मुंबई. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अभी-अभी एक चौंका देने वाली घोषणा की है। बीसीसीआई ने कहा है कि ‘चौंकपुर चीताज’ टीम के कोच सर को टीम इंडिया का कोच नियुक्त कर दिया गया है। ग़ौरतलब है कि अनिल कुम्बले के इस्तीफ़े के बाद राष्ट्रीय टीम के कोच का पद रिक्त हो गया था। उधर, चौंकपुर चीताज के कोच सर का भी उनकी टीम के साथ कार्यकाल समाप्त हो चुका है।

coach sir
कोच बनने पर जश्न मनाते कोच सर

आप भी सोच रहे होंगे कि ये चमत्कार हुआ कैसे, क्योंकि कोच सर का नाम तो BCCI के प्रत्याशियों की लिस्ट में भी नहीं था। तो भई, हुआ यूँ कि जहाँ सहवाग, राजपूत तथा अन्य दावेदार उच्च न्यायालय (BCCI) को अर्ज़ी भेज रहे थे, वहीं हमारे कोच सर ने चतुराई दिखाते हुए सीधे सर्वोच्च न्यायालय (कोहली) से गुहार लगा दी। आखिरकार टीम का कोच बने रहना है तो कप्तान कोहली को तो खुश रखना ही पड़ेगा ना! तो कोच सर ने कोहली तथा टीम के अन्य सभी खिलाड़ियों को ई-मेल कर कोच पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी।

अपनी दावेदारी में उन्होंने चौंकपुर चीताज के साथ जो बढिया काम किया है, उसका ब्यौरा देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सुविधाओं के अभाव में भी इस टीम को उच्च-कोटि का प्रशिक्षण देकर कप जिताया। साथ ही, उन्होंने अपनी इन उप्लब्धियों को महत्व ना देते हुए secondary बताया। ये तो हर कोच करता है, ये तो कोच का काम ही है। पर जो बात उन्हें बाकी कोचेज से भिन्न करती है, वो हैं उनकी primary skills!

उनकी प्रमुख उप्लब्धियों में पहला ये था कि कैसे उन्होंने चौंकपुर के एक हलवाई की बहन को टीम में बतौर विकेटकीपर शामिल किया। कप्तान कोहली को कोच सर ने आश्वासन देते हुए कहा कि अनुष्का को भी वो जल्द ही भारतीय टीम का हिस्सा बना देंगे। इससे कप्तान साहब को फ़ाइनल जैसे मुकाबलों में जल्दी पवेलियन नहीं भागना पड़ेगा तथा वो और अनुष्का पिच पर ही साथ रहकर लम्बी-लम्बी साझेदारियाँ निभा सकते हैं।

दूसरा ये कि कैसे उन्होंने ध्यानी भैय्या की उनकी फ़ण्टी के साथ सेटिंग कराई और उन्हें नेट्स पर रोमांस करने की इजाज़त भी दी। उसी तरह वो पाण्ड्या, बुमराह और जाधव जैसे खिलाड़ियों की भी किसी ना किसी से सेटिंग करवा ही देंगे। उनके रहते टीम का कोई भी खिलाड़ी सिंगल नहीं रहेगा। साथ ही अपने बाप की दुकान, हमारा मतलब है Amazon से BCCI को फ़्री की स्पॉन्सरशिप भी दिलवा देंगे।

कुंबले जी इन्हीं सब बातों में मात खा गये। उन्होंने अपना कोचिंग वाला काम तो बखूबी किया पर engineers से हमेशा ये अपेक्षा रहती है कि वो अपने काम के अलावा और भी कुछ एक्स्ट्रा करते रहें, जिससे उनके एम्प्लाॅयर्स का कुछ एक्स्ट्रा फ़ायदा हो। उनके परफ़ाॅर्मेंस का इवैल्यूएशन भी इसी बात से होता है, ना कि उनको जो काम दिया गया है उस पर। हालाँकि उन्होंने फ़ोटोग्राफ़ी ज़रूर की थी, पर उससे उनका निजी फ़ायदा हुआ टीम का नहीं!

खैर, इसके बाद उनकी दलीलों से प्रभावित होकर कोहली, BCCI से कोच सर को भारतीय टीम का कोच बनाने की मांग पर अड़ गये और अन्ततः बोर्ड को उनके आगे झुकना पड़ा।



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