Sunday, 25th June, 2017
चलते चलते

खिड़की का शीशा टूटने पर भी पड़ोसी अंकल ने नहीं डांटा, सदमे में बच्चों ने क्रिकेट खेलना छोड़ा

17, Aug 2016 By banneditqueen

बैतूल. हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हर शाम बच्चों का शोर सुनाई देता था। एक तरफ कॉलोनी के 10-15 लड़के बैटिंग को लेकर लड़ाई कर रहे होते थे, तो दूसरी तरफ लड़कियाँ ‘पोशम्पा भई पोशम्पा’ खेल रही होती थीं। पर पिछले एक हफ्ते से क्रिकेट खेलने वाला एक भी बच्चा घर से बाहर नहीं निकल रहा। इसकी वजह जानने के लिये हमारा संवाददाता हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पहुँचा।

Gully Cricket2
शीशा तोड़ू शॉट लगाने को तैयार पप्पू उर्फ़ एंडी

बड़ी मुश्किल से टीम के कप्तान पप्पू उर्फ Andy बात करने को राज़ी हुए। एंडी ने बताया कि “हर रोज़ जब हम क्रिकेट खेलते हैं तो कई बार बॉल शर्मा अंकल की खिड़की पर जाकर लग जाती है और उनका कांच टूट जाता है। काँच टूटते ही हम सब नौ दो ग्यारह हो जाते हैं और पीछे शर्मा अंकल की चिल्लाने की आवाज़ आती रहती है। फिर शाम को शर्मा अंकल ड्रॉइंग रूम में पापा से हमारी शिकायत करते मिलते हैं।”

“पर इस बार तो कमाल ही हो गया! पिछले संडे को उनके घर की दो खिड़कियों के काँच टूट गये लेकिन फिर भी अंकल ने कुछ नहीं बोला। हम सबकी तो फट गयी!” एंडी के दोस्त सैंडी ने भी बताया कि “अंकल बॉल लगने के बाद बाहर तो आए पर बिना कुछ बोले वापस अंदर चले गए।” एंडी ने मुंह लटकाकर कहा कि “उस दिन के बाद से हमारा खेलने में बिल्कुल मन नहीं लग रहा।”

अपने नौनिहालों को परेशान देखकर दो दिन पहले अभिभावकों ने शर्मा जी से रिक्वेस्ट की कि वो अपने ग़ुस्से को जगायें और पहले की तरह बच्चों का डाँटना शुरु कर दें। चूंकि शर्मा जी शहर से बाहर हैं, इसलिये उन्हें व्हॉट्सएप पर बच्चों को डाँटते हुए वीडियो अपलोड करना पड़ा। लेकिन बच्चे गालियों का लाइव डेमो देखना चाहते हैं। इसलिये उन्होंने शर्मा जी के वापस लौटने तक बल्ले को छूने से भी इनकार कर दिया है।



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