Tuesday, 27th June, 2017
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बीसीसीआई का सुप्रीम कोर्ट को अल्टीमेटम- "एक हफ़्ते में राह पर आ जाओ"

06, Oct 2016 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/मुंबई. सुप्रीम कोर्ट के रवैये से नाराज़ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आज बेहद कड़ा रुख़ अपनाते हुए अल्टीमेटम दे दिया कि “हमारे सब्र का इम्तेहान मत लो! सुधर जाओ, वरना हमें कोई कठोर क़दम उठाना पड़ेगा।” देश के सर्वोच्च न्यायालय को राह पर आने के लिये बीसीसीआई ने अब एक हफ़्ते की मोहलत दी है।

Anurag Thakur 2
कोर्ट के किसी फ़ैसले पर हंसते ठाकुर साब और शुक्ला जी

कांग्रेस के नेता और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने बीजेपी के नेता और बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर का संदेश पढ़कर सुनाते हुए कहा कि “मेरे मुवक्किल ठाकुर साब को लगता है कि आप जज लोग मनमाना व्यवहार कर रहे हैं। आप सुधर जायें, नहीं तो मेरे मुवक्किल आपको सुधार देंगे। वो कब से इशारे कर रहे हैं लेकिन आप इशारा समझ नहीं रहे!”

एक जज ने झिझकते हुए सिब्बल से पूछा कि “आप वैसे तो बीजेपी के नेताओं को मुंह भर-भर के गालियां देते हैं, फिर यहां अनुराग ठाकुर के दूत बनकर क्यूं आये हैं?” तो सिब्बल बोले- “नेता होने के साथ-साथ हम इंसान भी हैं और इंसानों का एक पापी पेट भी होता है और उस पेट की कुछ ज़रूरतें भी होती हैं। तो बस, उन्हीं ज़रूरतों के लिये हमें ये सब करना पड़ता है।”

“वैसे हमारा मेन बिज़नेस पॉलिटिक्स ही है, वकालत-सकालत तो बस छोटे-मोटे साइड बिज़नेस हैं।”- सिब्बल ने हंसते हुए कहा।

उधर, जब हमारा संवाददाता बीसीसीआई के मुख्यालय पहुंचा तो देखा कि अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस के राजीव शुक्ला के कान में कुछ कहा और फिर दोनों काफ़ी देर तक ठहाका मारकर हंसते रहे। ठहाका मारने के बाद दोनों अलग-अलग साइड में चले गये और मीडिया के सामने एक-दूसरे की पार्टी को जी-भरकर गालियां देने लगे। गालियां देने के बाद दोनों वापस लौटे, ज़ोर से ‘हाई-फ़ाइव’ किया और फिर ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगे।

हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी है कि वे लोग हंस किस बात पर रहे थे- ज्युडिशयरी पर, क्रिकेट पर या इस देश की पब्लिक पर! जैसे ही हमें हंसी के असली कारण का पता चलेगा, हम अपने पाठकों को ज़रूर बतायेंगे।



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