Sunday, 28th May, 2017
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सिविल सर्विस की तैयारी करते हुए युवक ने गँवा दिए बहुमूल्य 53 सेकंड, नहीं हुआ सलेक्शन

17, Jun 2016 By Ritesh Sinha

पटना. दानापुर में रहने वाले अभिषेक वर्मा के पैरों तले से उस समय ज़मीन खिसक गयी, जब उसने देखा कि सिर्फ दो अंक कम होने की वजह से उसका “सिविल सर्विस” में सलेक्शन नहीं हुआ है। अभिषेक का मानना है कि उसकी तरफ से तैयारी में कोई कमी नहीं हुई थी, लेकिन उसके पापा की एक गलती की वजह से वो ये परीक्षा पास नहीं कर पाया। अपने रिजल्ट से नाराज अभिषेक ने  घर आकर अपने पापा को ख़ूब खरी-खोटी सुनाई और अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया।

students protest
अभिषेक के पापा के विरोध में प्रदर्शन करते सिविल फ़ाइटर

ख़ुफ़िया सूत्रों से पता चला है कि परीक्षा से एक महीना पहले अभिषेक पढने बैठा ही था कि तभी उसके पापा ने उसे एक गिलास पानी लाने को कहा। अभिषेक ने सोचा कि एग्जाम की तैयारी के लिए पैसा तो इन्हीं को देना है, इसलिए एक बार पानी लाकर दे देने में कोई घाटा नहीं है। ऐसा सोचकर अभिषेक पढ़ाई छोड़कर पानी लाने चला गया।

बस, इस पानी लाकर देने में अभिषेक के बहुमूल्य 53 सेकंड खर्च हो गए और वो एग्जाम में दो नंबर से फेल हो गया। विशेषज्ञों का भी कहना है कि सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी में एक-एक सेकंड बहुत मायने रखता है, इसलिए बच्चों को ऐसे फालतू कामों से बचकर पढ़ाई में ध्यान देना चाहिए।

अभिषेक को इससे गहरा सदमा लगा है और वह पिछले कुछ दिनों से किसी से बात नहीं कर रहा है। वो बड़ी मुश्किल से FN से बात करने को राजी हुआ। उसने बताया कि “मैं दिन रात पढता रहता था। हफ़्ते में सिर्फ़ एक दिन नहाता था और खाने-पीने का भी कोई होश नहीं रहता था। मेरा बस एक ही काम था जान लगाकर पढना। यहाँ तक कि जब हमारे पड़ोसी के घर सिलिंडर फटा था, तब भी मैं घर से नहीं निकला, बस पढता रहा। जब मामाजी कुँए में गिर गए थे, तब भी मैं उन्हें देखने अस्पताल नहीं गया। लेकिन पता नहीं क्यों उस दिन मैं अपने पापा के लिए पानी लाने चला गया।” -कहत कहते अभिषेक सुबकने लगा।

उधर, शहर के सभी कोचिंग सेंटर्स के मालिक भी अभिषेक के पापा की जमकर निंदा कर रहे हैं। ‘पैसा-ला’ कोचिंग सेंटर के मालिक सदानंद अवस्थी ने कहा कि “अपने बेटे से पानी मांगकर पीने वाले बाप को तो चुल्लू भर पानी में डूबकर मर जाना चाहिए, वो भी ऐसे बेटे से जो सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। बच्चों का इसी तरह शोषण होता रहा तो वो IAS/IPS कैसे बनेंगे? हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और उस बच्चे को अपने कोचिंग सेंटर में पढने के लिए आमंत्रित करते हैं।”

इस बीच, ख़बर मिली है कि अभिषेक के पापा को भी अपनी गलती का एहसास हो गया है और उन्होंने कसम खायी है कि वो अगले एक साल तक पानी नहीं पियेंगे।



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