Monday, 27th March, 2017
चलते चलते

चौक पर हो रहे झगड़े को शांत कराने गया युवक, सबसे ज्यादा मार खाके लौटा

27, Jul 2016 By Ritesh Sinha

मुंबई. भारत देश कितना पिछड़ा हुआ है, इस बात का अंदाज़ा आप इसी से लगा सकते हैं कि ट्विटर के होते हुए भी यहां के लोग गली मोहल्ले के चौक पर लड़ते रहते हैं। भारत में सभी चौक चौराहे ऐसे बनाए जाते हैं कि वहां दो पक्षों में मारपीट होने के लिए पर्याप्त जगह मौजूद हो, ताकि मारपीट करने वालों को कोई परेशानी ना हो। आए दिन कोई ना कोई चौक पर लड़ता हुआ मिल जाता है।

Brawl
पड़ोसियों के झगड़े में पिटता कमल शिकरे

कमल शिकरे नाम का एक युवक ऐसे ही एक झगड़े को शांत कराने चला गया और जब तक वह झगड़ा शांत होता, तब तक वो सबसे ज्यादा मार खा चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जो लोग आपस में लड़ रहे थे वे भी अपनी दुश्मनी भूल गए और कमल को पीटने के लिए उन्होंने आपस में गठजोड़ कर लिया। इस मारपीट में कमल की चार हड्डी और पांच दांत टूट गए हैं, साथ ही उसके शरीर में जगह-जगह मोच भी आ गई है।

इतनी मार खाने के बाद कमल मुरझा गया है और मुर्झायी हालत में हॉस्पिटल के बेड पर पड़ा है। हॉस्पिटल में घटना को याद करते हुए उसने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “सुबह सुबह मैं अपने घर में चाय पी रहा था कि तभी किसी ने बाहर से आवाज लगाईं- ‘कमल भैया! जल्दी आओ, तम्हाणे और शहाणे आपस में लड़ रहे हैं।’ यह सुनते ही मैं दौड़ता हुए वहां पहुँच गया। जब मैं पहुंचा तो मारपीट शुरू हो गई थी और बहुत सारे लोग एक दूसरे पर पिले पड़े थे। मैंने दोनों गुटों को रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुआ।”

“जैसे ही मैंने उनमें से एक आदमी का हाथ पकड़ा तो उसने पलटकर मेरे मुंह पे ज़ोरदार मुक्का जड़ दिया। मैंने फिर से एक दूसरे आदमी का पैर पकड़ लिया तो साले ने इतनी जोर से लात मारी कि मुझे शोले फिल्म के ठाकुर साब याद आ गए। फिर दोनों गुटों ने मुझे कुत्ते की तरह पीटा, पता नहीं किस जन्म का बदला लिया है सालों ने।” कहते हुए कमल अपनी कलाई को सहलाने लगा। इस बीच कमल के डॉक्टर ने खुलासा किया कि कमल के सिर्फ चार दांत टूटे हैं, जबकि पहले ये माना जा रहा था कि कमल के पांच दांत टूट गए हैं। हालाँकि हड्डियों के टूटने में कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई है फिर भी इसे कमल की सेहत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है।

इस घटना के बारे में जब हमने विशेषज्ञों से बात की तो उन्होंने बताया कि इसमें कुछ भी आश्चर्य की बात नहीं है। अक्सर ऐसा ही होता है, जो आदमी ऐसे झगड़ों को सुलझाने जाता है, सबसे ज्यादा मार उसी को पड़ती है, क्योंकि उसे दोनों ओर से मुक्के झेलने पड़ते हैं। उधर, पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर लड़ना ही है तो ट्विटर पर लड़ो। इस तरह गली मोहल्लों में लड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अब देश बदल रहा है।



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