Wednesday, 18th January, 2017
चलते चलते

महिलाओं का आधा समय बच्चों के हाथ से स्मार्टफ़ोन छीनने में जा रहा हैः स्टडी

29, Aug 2016 By बगुला भगत

मुंबई. अभी तक यही माना जाता था कि भारतीय महिलाओं का सबसे अधिक समय रसोई में खाना बनाते हुए, सास की बुराई करने में या ऑनलाइन शॉपिंग करने में बीतता है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध ने इस धारणा को उलट दिया है। इस शोध में पता चला है कि भारतीय महिलाओं का सबसे ज़्यादा समय अपने बच्चों के हाथ से स्मार्टफ़ोन छीनने में बीत रहा है।

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“फ़ोन कहां है, बता दो मुझे..नहीं तो मैं..”

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज (TISS) के ‘स्कूल ऑफ़ जेंटर स्टडीज’ की प्रमुख विद्या वैधनाथन ने बताया कि “हम यही मानकर चल रहे थे कि सास-बहू की बुराई वाला टॉपिक एवरग्रीन है और उसकी जगह कोई नहीं ले सकता। लेकिन हमारी स्टडी में जो आंकड़े सामने आये, वे वाकई चौंकाने वाले हैं।”

“अब महिलाओं की टेंशन सिर्फ़ एक चीज़ है और वो है स्मार्टफ़ोन! अपने बच्चों को स्मार्टफ़ोन से कैसे दूर रखें और उनके हाथ से उसे कैसे छीनें, उनके दिमाग़ में हर टाइम बस यही चलता रहता है।” -वैधनाथन ने बताया।

इस शोध में एक और जो जानकारी सामने आयी है, वो ये कि कुछ साल पहले तक बच्चे होमवर्क की वजह से पिटते थे लेकिन अब उनकी पिटाई की सबसे बड़ी वजह स्मार्टफ़ोन बन चुका है।

कई औरतें तो अपना दुखड़ा सुनाते-सुनाते रोने लगीं और मोबाइल उठाकर उससे अपना माथा पीटने लगीं। दिल्ली के करोलबाग़ की रहने वाली आरती सिंह ने हमें बताया कि “मैंने अपने बेटे के हाथ से मोबाइल छीनकर रख दिया तो वो आधे घंटे तक पर मेज पे उंगली चलाता रहा। कई बार तो वो सोता-सोता भी उंगली चलाता रहता है।”

“जब देखो स्मार्टफ़ोन…जब देखो स्मार्टफ़ोन! 500 रुपये का डेटा दो दिन भी नहीं चलता।” -आरती ने बताया। तभी उनके बराबर में खड़ा उनका बेटा दिव्यांश बोल पड़ा- “मम्मी ख़ुद सारे टाइम कैंडी क्रश खेलती रहती हैं और डेटा हमारे नाम लगा देती हैं।”



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