Tuesday, 23rd May, 2017
चलते चलते

सोमवार की सुबह ऑफ़िस नहीं जा रहा था युवक, पत्नी ज़बरदस्ती छोड़कर आयी

01, Aug 2016 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. मयूर विहार फ़ेज़-1, पॉकेट-3 के एक घर में आज सुबह से ही लड़ने-झगड़ने की आवाज़ें आ रही थीं। बीच-बीच में किसी आदमी के रोने की भी आवाज़ आ जाती थी। सारा मोहल्ला देखने लगा कि आख़िर माज़रा क्या है। शोर सुनकर हमारा संवाददाता भी वहां पहुंच गया।

Husband-Wife 3
मंडे को ऑफ़िस जाने के नाम पर रोता महेश नेगी

उसने देखा कि एक युवक की पत्नी उसे टिफ़िन थमाकर बाहर धक्का दे रही है और वो बार-बार घर के अंदर भाग रहा है। काफ़ी देर तक यही सब चलता रहा, फिर पत्नी ने ज़बरदस्ती उसे ऑटो में बिठाया और लेकर चली गयी।

हमारे संवाददाता ने वहां खड़े लोगों से जब इस घटना के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि इस युवक का नाम महेश नेगी है और जो उसे ऑटो में बिठाकर ऑफ़िस ले गयी है वो उसकी पत्नी मंजू है।

मंजू की पड़ोसन सलोनी शर्मा ने मुंह बनाते हुए कहा कि “हर मंडे यहां तो यही नाटक होता है। वो जायेगा नहीं और ये खींचकर ले जायेगी।”

“और बाक़ी दिनों में…मेरा मतलब थर्सडे फ्राइडे को?” इस पर सलोनी बोली- “फ्राइडे को तो सुबह से ही उछलने लगता है कि शाम को पीनी है। उस दिन तो ऐसे उछलते हुए ऑफ़िस जाता है, जैसे इसकी दूसरी शादी हो रही हो।”

बाद में हमारे संवाददाता ने मंजू से भी बात की। उसने बताया कि “इस मंडे की वजह से चार नौकरियां छोड़ चुके हैं अब तक! संडे शाम से ही नानी मरने लगती है और सुबह होते ही कभी सर में दर्द बताने लगते हैं तो कभी कमर में। ऑफ़िस में फ़ोन करके झूठ बोलेंगे कि घर पे कोई अर्जेंट काम आ गया है। इनके साथ मुझे भी झूठा बनना पड़ता है।”

“और कभी कभी तो मेरी शानू को ही बीमार बता देते हैं!” -मंजू बेटी को गोद में लेकर पुचकारते हुए बोलीं। संवाददाता ने जब इस बारे में महेश से बात करनी चाही तो उसने गाली देते हुए फ़ोन पटक दिया।



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