Friday, 28th July, 2017
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बेरोज़गार युवक के पास नहीं था पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, दोस्तों ने जमकर दौड़ाया

31, Aug 2016 By Ritesh Sinha

पटना. कल सुबह सौरभ सिन्हा को उसके दोस्तों ने फोन करके बताया कि “सरकारी विभाग में चपरासी की नौकरी निकली है, परमानेंट जॉब है और सैलरी भी अच्छी है, हम सब अप्लाई कर रहे हैं, तू भी करेगा क्या?” तो सौरभ ने तुरंत हाँ कर दी। चूँकि उस पोस्ट के लिए ऑफलाइन आवेदन करना था तो सौरभ ने अपने दोस्तों को ही अपने लिए भी फॉर्म लाने को कह दिया।

Fight
पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो ना रखने का नतीजा

थोड़ी ही देर में सौरभ के दोस्त फॉर्म लेकर पहुँच गए और सब एक साथ फॉर्म भरने लगे। तभी सौरभ को याद आया कि फॉर्म पर चिपकाने के लिए उसके पास पासपोर्ट साइज़ फोटो तो है ही नहीं! वो बोला- “यार, मेरे पास अभी फोटो नहीं है, मैं अपना फॉर्म बाद में डालूँगा तुम लोग डाल दो!” यह सुनते ही सारे दोस्त आंखें फाड़-फाड़कर उसे देखने लगे। विवेक ने कहा “क्यों मज़ाक करता है यार! बेरोजगार आदमी के पास कम से कम पचास फोटो तो रहता ही है, चल मज़ाक मत कर, जल्दी फोटो दे, सब एक साथ फॉर्म डालेंगे।”

सौरभ ने कहा, “मैं मज़ाक नहीं कर रहा! सच में मेरे पास फोटो नहीं हैं!” सभी दोस्तों ने थोड़ी देर एक-दूसरे की ओर देखा और फिर अचानक बेरोज़गारी के साधारण नियमों का पालन ना करने के जुर्म में सौरभ को लतियाना शुरू कर दिया- “साले! तेरे पास फोटो नहीं है और अपने आप को बेरोजगार कहता है! ज़रूर तेरा कहीं कोई जुगाड़ लग गया है, हमें फालतू में गोली दे रहा है।”

“पता नहीं, कब कहाँ फोटो चिपकाना पड़ जाए, इसलिए हम हमेशा दर्जन फोटो अपने साथ रखते हैं और तेरे पास एक भी नहीं है।” -कहते हुए वे सौरभ को जोर-जोर से कूटने लगे। जी भरकर कुटाई करने के बाद उन्होंने उसे पानी-वानी पिलाया, आखिर था तो उनका दोस्त ही! इस बीच सौरभ को भी अपनी गलती का अहसास हो गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सौरभ के दोस्त विवेक (जिसने उस पर सबसे ज्यादा हाथ साफ़ किया था) ने, फेकिंग न्यूज़ को बताया कि “मुझे उसे मारने का कोई शौक नहीं था, लेकिन अगर ऐसी हरकत करेगा तो मार तो खाएगा ही, मुझे ही देख लो! मेरे पर्स में कई दर्जन फोटो पड़े रहते हैं, अपने सभी डाक्यूमेंट्स मैं पेन ड्राइव में ले के घूमता हूँ। नौकरी क्या ऐसे ही मिल जाती है, फ़ोकट में!” विवेक ने शर्ट का कॉलर ऊपर करते हुए कहा।



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