Friday, 20th January, 2017
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भारी ट्रैफिक के बीच 'गैप' ढूंढने में नाकाम रहा बाइक सवार युवक, कटवाना पड़ा भारी चालान

26, Nov 2016 By Billu Breaking
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ट्राफिक पुलिस की गिरफ्त में मंगेश

पुणे. पिछले दिनों अपना पुराना स्कूटर कबाड़ी को बेच कर उसी कबाड़ी से सेकंड हैंड बाइक खरीदने वाले पुणे निवासी मंगेश गायतोंडे के लिए सोमवार का दिन बहुत बुरा बीता। गणेश मंदिर में अपनी नयी सेकंड हैंड बाइक का पूजन करवाने के बाद मंगेश जैसे ही बाइक लेके वहां से निकला, वहीं से कुछ दूरी पर भारी जाम में फंस गया। मंगेश के आगे गाड़ियों की लंबी लाइन लगी थी और लगभग दो किलोमीटर दूर यातायात सिग्नल की लाल बत्ती उसे वैसे ही नज़र आ रही थी जैसे कई प्रकाश वर्ष दूर मंगल ग्रह पृथ्वी से नज़र आता है। हालांकि इसके बावजूद मंगेश ने उस दिन अपने दिल पर पत्थर रख के भारी सब्र का परिचय दिया और सिग्नल के हरा होने का इंतज़ार किया। लेकिन यहीं से मंगेश का दुर्भाग्य शुरू हुआ।

जैसे ही गाड़ियां आगे सरकना शुरू हुई, एक दादा मामा ने आके बिना कुछ कहे-सुने मंगेश की बाइक की चाबी निकाल ली और ‘साइड में आने’ को कहा। हैरान मंगेश ने बाइक को घिसटते हुए ‘साइड में जाके’ जब कारण पूछा तो जवाब मिला, “तुझा चम्माआयेला.. रूल्स तोड़ता है? शहर की यातायात व्यवस्था को बदनाम करता है? पहली बार आयेला है क्या इदर?” मंगेश अभी तक मामा को मुंह फाड़ के देख ही रहा था कि मामा ने 1500 रुपये की पावती फाड़कर मंगेश को थमा दी। पावती के अनुसार विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मंगेश पर यातायात जाम करने, आगे खड़ी गाड़ियों के बीच और फुटपाथ पर कम से कम 8 से 10 इंच का पर्याप्त गैप उपलब्ध होने के बावजूद बाइक आगे नहीं बढ़ाने और अपने पीछे खड़े हुए आगे निकलने को तड़प रहे बाइकर्स को अपनी ‘कला’ दिखाने का मौका नहीं देने जैसे जघन्य यातायात अपराधों के आरोप थे।

उस पर भी मंगेश की मुसीबतें यही ख़तम नहीं हुई। पिछले दिनों धक्के-लातें खा-खा के एटीएम से निकाला इकलौता 2000 का नोट जैसे ही उसने मामा को दिया, मामा ने छुट्टा ना होने का कह के बाकी के 500 रूपये भी लौटाने से इनकार कर दिया और अगली बार में ‘एडजस्ट’ करने का कह के टरका दिया। अंत में जैसे-तैसे मंगेश घर जाने के बजाय सीधा उस कबाड़ी की दुकान पहुँचा और कबाड़ी को वो अपशकुनी बाइक वापिस करनी चाही। लेकिन कबाड़ी ने भी पैसे वापिस देने से इनकार कर दिया। थक-हार कर मंगेश को बाइक उसी कबाड़ी को औने-पौने दामों में बेचनी पड़ी और जो पैसे मिले उनसे एक सेकंड हैंड साइकिल खरीद ली!



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