Tuesday, 25th July, 2017
चलते चलते

बेटे ने नहीं खेली होली, फटी शर्ट मिलने का सपना देख रही माँ को खरीदना पड़ा नया पोछा

16, Mar 2017 By sameer mahawar

कानपुर. यूँ तो होली के रंगीले पर्व का इंतज़ार सभी भारतवासियों को रहता है लेकिन जवान लड़कों की माएँ कुछ ज़्यादा ही बेसब्री से होली का इंतज़ार करती हैं, जिसकी सबसे बड़ी वजह है पोछा! माएँ उम्मीद कर रही होती हैं कि उनका बेटा होली खेलने जाए और शर्ट फाड़कर लाये ताकि उनको बिना पैसे खर्च किए घर की साफ-सफाई के लिए एक पोछा मिल जाये। जिसे वो अगले साल की होली तक इस्तेमाल कर सकें, क्योंकि होली खेलने के लिए पहने हुए कपड़े अक्सर घर में डस्टिंग क्लॉथ और पोचे के ही काम आते हैं।

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घर के लिये पोछा बनाने में जुटे कुछ युवा

लेकिन कानपुर के हर्ष नगर की रहने वाली सुशीला देवी को इस होली पर पोछे की जगह मायूसी हाथ लगी है। सुशीला जी का होनहार बेटा मयंक रोज़ की तरह व्हॉट्सएप और फ़ेसबुक पर बिजी रहने की वजह से होली खेलना ही भूल गया। उसकी यह भूल घर वालों को इतनी महंगी पड़ी कि उन्हें उसकी फटी हुई शर्ट की जगह पैसे खर्च कर के बाज़ार से 40 रुपये का नया पोछा, वो भी बिना किसी डिस्काउंट के, खरीदना पड़ गया।

सुशीला जी ने फ़ेकिंग न्यूज़ के साथ अपना दुखड़ा रोते हुए बताया कि “इस नालायक ने तो हमें कहीं का नहीं छोड़ा! सोचा था कि हर बार की तरह इस बार भी इसकी शर्ट का पोछा बनाऊंगी लेकिन ये नवाब तो होली वाले दिन भी अपने मोबाइल में घुसा रहा और होली खेलना ही भूल गया। क्या-क्या सपने संजोये थे मैंने! होली में शर्ट फटवा के लाये तो उसकी चार बार रफू कराई हुई पिंक शर्ट को पहले डस्टिंग क्लॉथ और फिर बाद में पोछा बनाऊँगी।”

फिर एक गहरी साँस लेकर बोलीं-  “ख़ैर, अब जो हो गया सो हो गया! मैंने दिल पे पत्थर रख के amazon से ये पोछा मँगवा लिया है।”

इस आर्थिक नुकसान की वजह से घरवालों ने मयंक से बातचीत बंद कर दी है। इस बात से दुखी होकर अब वो अपनी किसी शर्ट को ख़ुद ही फाड़कर मम्मी को गिफ़्ट करने की सोच रहा है ताकि घर की सुख-शांति वापस आ सके।



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