Friday, 23rd June, 2017
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बेटी ने बनाई गोल रोटी, घर में आये फूफाजी ने लगा दी रिश्तों की झड़ी

19, Mar 2017 By sameer mahawar

जयपुर. अक्सर देखा गया है कि फूफा और मौसा दूसरों के घरो में बढ़ते नौजवान बच्चों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा करते रहते हैं, जैसे कि पढ़ाई की टेंशन, नौकरी की टेंशन, शादी-ब्याह की टेंशन! वे खुद ही उनका सुझाव भी देते हैं जिससे कि उनका रुतबा बना रहे। बच्चों के माँ-बाप से ज़्यादा चिंता तो इन्हें उनके भविष्य के लिए रहती है।

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प्रीति की सारी मुसीबत की जड़- ये गोल चपाती

ऐसी ही एक घटना जयपुर के अशोक नगर में हुई, जहाँ एक घर में आये फूफाजी ने 21 वर्षीय भतीजी द्वारा बनाई गोल रोटी देख कर उसे शादी के काबिल समझ लिया और एक-एक करके अपने कोट की जेब में रखे हुए लड़कों के फ़ोटो और बायो-डाटा अपने साले साहब (लड़की के पिता) को दिखाने लग गए।

प्रीति गर्ग (लड़की का बदला हुआ नाम ताकि उसे फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट की बाढ़ ना आ जाये) अपने बी कॉम की परीक्षा देकर घर का काम-काज सीख रही थी और रसोई में अपनी माँ की मदद कर रही थी कि तभी उसके फूफाजी, रमेश कुमार (एकदम सही नाम ताकि शादी का पूरा क्रेडिट उन्हीं को मिले) पहुंच गये।

चार बार यह बोलकर कि “मुझे भूख नहीं है, घर से खाना खा कर ही चला था”, रमेश कुमार अपने साले-साहब के ज़्यादा कहने पर खाने की मेज पर बैठ गए। जब उन्हें पता चला कि खाना प्रीति बना रही है, तो एकदम ही उनका ACP प्रद्युमन वाला मोड़ एक्टिव हो गया और खाने को शक की निगाह से देखकर और सूंघ-सूंघ कर खाने लगे। आगे की कहानी खुद रमेश कुमार की ज़ुबानीः

“पहली तीन रोटियाँ पूरी तरह से गोल नही थी। किसी का diameter कम था तो किसी का circumference आढ़ा-टेढ़ा। मैंने तो मंन मे ठान लिया था कि लड़की अभी ब्याह के लायक नही है। पर जैसे ही मैंने चौथी रोटी देखी तो मेरी तो आंखें फटी रह गयीं! कैसे एक 21 साल की कच्ची उमर की लड़की इतनी गोल रोटी बना सकती है। रोटी देख कर मानो मेरी आत्मा तृप्त हो गई और प्रीति भी ब्याह के काबिल! मैंने तुरंत अपने साले के सामने उसकी शादी का प्रस्ताव रखा और उसे 25-30-35 और अधेड़ उम्र के अविवाहित लड़कों की तस्वीरें दिखाने लगा।”

उधर, अपनी शादी की बात सुनते ही प्रीति बुरी तरह से घबरा गई और अपने कमरे की तरफ भागी और तुरंत यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए अप्लाई कर डाला ताकि उसकी शादी कम से कम 3-4 साल के लिए टाली जा सके और वह अपने फूफाजी से दूर रह सके।



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