Monday, 1st May, 2017
चलते चलते

छुट्टी वाले दिन जल्दी उठने वालों पर अब लगेगा जुर्माना

29, Jun 2016 By banneditqueen

इटारसी. रविवार के दिन सिंधी कॉलोनी में रहने वाले दंपति शैलेष और शालिनी मोटवानी में भयंकर कहासुनी हो गई। बहस होते होते बात इतनी बढ़ गई कि कॉलोनीवालों को पुलिस बुलानी पड़ी, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। कॉलोनीवाले हैरान थे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मियां-बीवी में मार-पीट की नौबत आ गयी।

ARGUMENT
बहस करते हुए शालिनी और शैलेष

शालिनी ने हवलदार को रोते हुए बताया कि “दिन भर घर का काम करो। इनका टिफिन बनाओ, बच्चों का टिफिन बनाओ, सुबह नाश्ता और फिर रात का खाना। किसी को लौकी पसंद नहीं तो किसी को आलू। ऊपर से घर का राशन वगैरह भी लाओ। पूरा हफ़्ता काम करने के बाद एक संडे का दिन मिलता है, उसमें भी ये चैन नहीं लेने देते!”

तभी शैलेष कहने लगा- “आप ही बताइये साहब मैं क्या करूँ, मेरी नींद खुल जाती है सुबह सुबह!”

इतने में शालिनी ने बीच में टोकते हुए कहा “क्या करूँ का क्या मतलब है। संडे को मैं ये सोचकर अलार्म बंद ऱखती हूँ ताकि आराम से उठूं। पर इनको कहाँ बर्दाश्त होगा कि एक दिन मैं आराम कर लूँ। सुबह उठकर कभी बाहर का दरवाज़ा खोलेंगे, कभी किचन में जाकर गिलास ढूँढने लगेंगे। इतना शोर मचाने के बाद मेरी नींद खुल जाए तो कहेंगे कि तुम उठ क्यूँ गईं। आज तो संडे है, अच्छा अब उठ ही गई हो तो चाय बना दो।” इतना बोलते ही शालिनी गुस्से से तमतमाने लगी।

पुलिस की गाड़ियाँ देखकर मीडिया वाले भी मोटवानी निवास के बाहर जमा हो गए और धीरे धीरे ये बात पूरे मीडिया में फैल गई। कई अन्य गृहिणियों ने भी यही शिकायत की कि छुट्टी के दिन भी उनके पति या सास-ससुर सवेरे-सवेरे उठ जाते हैं जिस वजह से उनकी नींद टूट जाती है।

इस घटना के बाद महिला आयोग ने भी इस मुद्दे का संज्ञान ले लिया है। आयोग ने अपनी आपात बैठक के बाद सिफ़ारिश की है कि “अब से छुट्टी के दिन 10 बजे से पहले उठने वालों पर जुर्माना लगाया जाये।” हालांकि, जुर्माना कितना हो, आयोग  में इस पर एक राय नहीं थी। उधर, इस बारे में तृप्ति देसाई का कहना है कि “अच्छा हुआ जो महिला आयोग ने कोई क़दम उठा लिया, वर्ना मैं तो बस तैयार ही थी इस मुद्दे को उठाने के लिये।”



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