Wednesday, 20th September, 2017

चलते चलते

लिंक्ड-इन पर खुद को 'पीपल मैनेजर' बताने वाला व्यक्ति निकला पीपल वृक्ष लगाने वाला माली

09, Sep 2017 By Pagla Ghoda

मुंबई. ‘ब्लू लैगून सॉफ्टवेयर सोलूशन्स’ के रिक्रूटमेंट हेड पोलेश पंसारी के तब पसीने छूट गए, जब उनकी ‘पीपल मैनेजर’ पोजीशन के वाक्-इन इंटरव्यूज के लिए गंगूराम नामक एक माली भी आ पहुंचा, और अपने लगाए पेड़ पौधों के सैंपल दिखाने लगा। पोलेश को एक और धक्का तब लगा जब गंगूराम ने अपना लिंक्ड-इन अकाउंट खोल कर खुद को पीपल मैनेजर यानी कि पीपल के वृक्ष की देख-रेख करने वाला भी बताया। जैसे-तैसे गंगूराम को बाहर खदेड़ा गया, जिसके लिए तीन सिक्योरिटी गार्ड और दो सिक्योरिटी सुपरवाइजर तक बुलाने पड़े।

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लिंक्ड-इन पर ताऊ गंगूराम का प्रोफ़ाइल

कंपनी प्रांगण से खदेड़े जाने से उत्तेजित गंगूराम ने हमारे पत्रकार से बात की, उन्होंने कहा, “बाऊजी हम का करें? हमरा बिटवा हमरा लिंके दिन (लिंक्ड-इन) आकउंट बनवाये दिए। और ऊ मा हमका पीपल मैनेजरवा भी बताये दिए। अब हमको का मालूम था कि ई ससुरा पीपल मनेजर और पीपुल मनेजर दो अलग-अलग चीज होती है। और हम भी लाखों का जॉब देख के हियाँ दौड़े-दौड़े चले आये, के इनके पूरे प्रांगण को पेड़-पौधों से भर देंगे, और कॉर्पोरेट जॉब भी करेंगे। क्योंकि पेड़ चाहे पीपल का हो या बरगद का, फूल चाहे चमेली का हो या गेंदे का, हम तो सबको एक समान मैनेज करते हैं। लेकिन बाऊजी इस देश में काम करने वाले की इज्जत है ही कहाँ?” -कहकर गंगू ताऊ अगले ऑफ़िस की ओर बढ़ गये।

स्वयं पोलेश या किसी और HR ने तो कम्पनी पॉलिसी का बहाना बनाते हुए इस मामले में कोई भी टिपण्णी करने से इंकार कर दिया है। पर कंपनी में मौजूद हमारे गोपनीय सूत्र ने नाम ना बताने की शर्त पर खुलासा किया कि दरअसल गंगूराम माली का प्रोफाइल वहाँ आये कई और कैंडिडेट्स से काफी बढ़िया था, पर इस फील्ड का पर्याप्त एक्सपीरियंस ना होने के कारण उसे जॉब नहीं दी गयी।



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