Saturday, 18th November, 2017

चलते चलते

डॉक्टर के यहाँ दो घंटे में भी नंबर नहीं आया तो मरीज के परिजनों ने MR को धोया

20, Jul 2017 By बगुला भगत

ग़ाज़ियाबाद. मरीज के परिजनों द्वारा डॉक्टरों के साथ मारपीट के क़िस्से तो हम अक्सर सुनते रहते हैं लेकिन किसी एमआर (मेडिकल रिप्रजेंटेटिव) की धुलाई का मामला पहली बार सामने आया है। इंदिरापुरम में एक डॉक्टर से मिलने का इंतज़ार कर रहे मरीज के परिजनों ने कल एक एमआर को ही धो दिया। फिलहाल एमआर का उसी डॉक्टर के क्लीनिक में इलाज चल रहा है, जिसे वो अपनी दवाईयाँ बेचने आया था।

MR- medical representative
डॉक्टर के क्लीनिक के बाहर एमआर की भीड़

ख़बरों के मुताबिक, इंदिरापुरम की सनसिटी में रहने वाले रवीन्द्र त्यागी को तेज़ बुख़ार था और उसके परिजन उसे डॉक्टर अतुल गर्ग को दिखाने ले गये थे। क्लीनिक पर काफ़ी भीड़ थी, इसलिये उन्हें 45वें नंबर का टोकन मिला, जबकि अभी 12वाँ ही नंबर चल रहा था। भीड़ इसलिये भी ज़्यादा थी क्योंकि मरीज़ों में आधे एमआर बैठे थे। इसी बीच, एक के बाद एक कई और एमआर भी अपने-अपने बैग लादे वहाँ पहुँच गये।

रिसेप्शन वाली लड़की हर मरीज़ के बाद एक-दो एमआर भी अंदर भेज देती थी, और वो भी बिना टोकन के! इस वजह से डेढ़ घंटा बीतने के बाद भी, 20वें टोकन वाले का ही नंबर आ पाया था। यह देखकर रवीन्द्र के साथ-साथ फ़ैमिली वालों का भी माथा गर्म होने लगा। तभी अगला एमआर बैग उठा के अंदर जाने लगा, तो रवीन्द्र के चाचा ने पकड़कर उसे खींच लिया और सुताई शुरु कर दी।

“पैंचो, हम यहाँ चू*&$ बैठे हैं एक घंटे से! कहाँ घुसा जा रहा है इस बैग को लेकर…बोल!” -चाचा उसे सूतते हुए चिल्लाये। उनके साथ-साथ बाक़ी मरीज भी उस पर पिल पड़े। कुछ मरीज दूसरे एमआरों की ओर लपके। वे सब जान बचाने के लिये भाग छूटे, कई बेचारे तो अपना बैग भी वहीं छोड़ गये।

बाद में, फ़ेकिंग न्यूज़ ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि डॉक्टर गर्ग को मरीजों से ज़्यादा एमआरों से लगाव है। वो जितना टाइम एक मरीज को देते हैं, उससे दोगुना टाइम एमआर से डीलिंग करने में बिताते हैं। इन एमआर की मेहरबानी से ही डॉक साब यूरोप और पता नहीं कहाँ-कहाँ घूम के आ चुके हैं। कुछ एमआर तो मिसेज गर्ग के लिये भी बढ़िया-बढ़िया गिफ़्ट देकर जाते हैं।

बहरहाल, इस घटना के बाद अब कुछ दिनों तक कोई एमआर उनके क्लीनिक की तरफ़ आने की हिम्मत नहीं करेगा और डॉक साब को सिर्फ़ मरीजों की फ़ीस के सहारे ही अपना गुज़ारा करना पड़ेगा।



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