Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

"पति तो सात जन्म तक यही चलेगा लेकिन सास-ननद चेंज कर दो" -युवती की पंडिज्जी से रिक्वेस्ट

23, Oct 2017 By बगुला भगत

वाराणसी. लंका की रहने वाली सारिका शुक्ला ने कल एक ऐसी मांग कर डाली, जिससे पंडित तोताराम शास्त्री के सामने धर्मसंकट पैदा हो गया है। दरअसल, सारिका अपने पंडिज्जी से मांग कर रही है कि उसे हर जन्म में नयी सास और ननद चाहिये क्योंकि पंडिज्जी ने ही फेरों के समय उससे कहा था कि ये तुम्हारा ‘सात जन्मों का बंधन’ है!

“वैसे तो किसी बंदे को सात जन्म तक झेलना लगभग इंपॉसिबल है लेकिन मैं अपने पति को झेलने के लिये तैयार हूँ। लेकिन ये सास और ननद नहीं चलेंगी। हर जन्म में मुझे नयी सास-ननद चाहिये!” -कहकर सारिका पंडिज्जी के घर में आसन जमाकर बैठ गई।

असल में, सारिका की शादी के कुछ दिन बाद ही अपनी सास के साथ खट-पट होने लगी थी। उसकी सास मधु ने सीरियलों वाली सासों से आइडियाज ले-लेकर उसे तरह-तरह से परेशान करना शुरु कर दिया।

सारिका यह सोचकर डर गयी कि ‘अगर सात जन्मों तक मेरे पति ये ही रहेंगे तो फिर तो सास भी यही रहेगी और ननद भी!’ इस बात की कल्पना करते ही मालती सर से लेकर पाँव तक काँप उठी। वो तुरंत अपनी शादी कराने वाले पंडिज्जी के पास पहुँची और रिक्वेस्ट करने लगी कि “या तो ये सात जन्म वाला क्लॉज हटाओ या हर जन्म में डिफ़रेन्ट सास मिलने का जुगाड़ करो!”

पंडिज्जी तरह-तरह की बातें बनाकर उसे गोली देने लगे। कभी कहते कि “ज़रूरी थोड़े है कि हर बार ये ही तुम्हारी सास बने, अगले जन्म में तुम्हारे पति की माँ कोई और भी हो सकती है”, तो कभी कहते कि “फेरों के टाइम पे कही गई बातों को ज़्यादा सीरियसली नहीं लेना चाहिये!” लेकिन सारिका कोई पक्का इंतज़ाम करने की ज़िद पर अड़ी हुई है। फिलहाल तो पंडिज्जी “मैं कुछ करता हूँ” कहकर पिंड छुड़ाकर चले गये हैं।



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