Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

गब्बर-गिरोह में कोई स्त्री डाकू न होने पर महिला-संगठन ने लगायी फटकार, गब्बर दे सकते हैं इस्तीफ़ा

09, Dec 2017 By Pagla Ghoda

रामगढ, चम्बल की घाटी. प्रदेश के विख्यात महिला-संगठन ‘नारी सब पे भारी’ ने डाइवर्सिटी कोटे में कमी के चलते डाकू गब्बर सिंह जी के गैंग ‘शोले इन्कॉर्पोरेटेड’ को काफी ज़ोरदार फटकार लगायी है। श्री गब्बर सिंह की लीडरशिप पर सवालिया निशान लगाते हुए ‘नारी सब पे भारी’ की प्रधान-प्रमुख श्रीमती कोमोलिका कपाड़िया ने स्वयं उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया।

Gabbar Gang
पीछे पहाड़ी पर खड़े दोनों डाकू भी मर्द ही हैं

लगभग उफनते हुए कोमोलिका जी ने कहा, “गब्बर सिंह जाने माने डाकू हैं, और एक लोकप्रिय समाज सेवी भी। बच्चा-बच्चा उनके नाम और उनके सालों पुराने डॉयलॉग्स से परिचित है। छोटे-मोटे डाकू तो उनकी रोज़ाना पूजा तक करते हैं। देवता मानते हैं उन्हें! और इस सबके बाद उनके गिरोह में एक भी स्त्री का न होना काफी शर्मनाक है। जहाँ महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कन्धा मिलकर चल रहीं हैं, वहीँ डकैती के प्रोफेशन में अभी भी स्त्रियों की भयँकर कमी है, जो कि चिंता का विषय है। हमारा मानना है कि श्री गब्बर जैसे बड़े डाकुओं को चाहिए कि वो अपने गिरोह में कम से कम चालीस प्रतिशत अनुपात स्त्री डाकुओं का मेन्टेन करें, और दूसरे गिरोहों के लिए एक मिसाल क़ायम करें। नहीं तो कड़े कदम उठाते हुए हमें उन पर भारी फाइन लगाना होगा।”

स्वयं श्री गब्बर जी ने तो फ़ेकिंग न्यूज़ द्वारा भेजे गए ई-मेल का जवाब नहीं दिया पर उनके सेक्रेटरी समर्थ भसीन (इन-शार्टः साम्भा) ने स्काइप कॉल द्वारा हमारे संवाददाता से बात की। साम्भा जी ने बताया, “सरदार को सब लोग गलत समझते हैं। हमारे गिरोह में डाकुओं की भर्ती मेरिट पे होती है, ना कि डाइवर्सिटी कोटे को ध्यान में रखते हुए। अब जो भी महिलाएँ डाकू की पोजीशन के लिए अप्लाई करती हैं, सरदार उन्हें इंटरव्यू में नाच के दिखाने को कहते हैं। और वहीँ पर उन महिलाओं की ईगो हर्ट हो जाती हैं। अब नृत्य कला में पारंगत होना एक स्त्री डाकू के सफल प्रोफेशनल करियर के लिए लाज़मी है। ये इन स्त्री डाकुओं को कौन समझाए!”

जब साम्भा जी से पूछा गया कि गब्बर सभी स्त्री डाकुओं को ‘छमिया’ नाम से भी पुकारते हैं, जिस वजह से वो अपमानित महसूस करती हैं और गब्बर गिरोह में टिकती नहीं हैं, तो साम्भा जी ने इस विषय पर कोई भी टिपण्णी करने से इनकार कर दिया। पर दबे शब्दों में उन्होंने स्वीकार किया कि श्री गब्बर की अत्याधिक डायलॉग बाज़ी और छोटी-छोटी बात पे गोली चला के लोगों को उड़ा देने से गिरोह की महिलाएं ही नहीं, पुरुष डाकू भी काफी नाराज़ हैं।



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