Sunday, 17th December, 2017

चलते चलते

गर्मी आते ही मौसम विभाग ने दी महिलाओं को पापड़ बनाने की सलाह

19, Feb 2017 By Ritesh Sinha

रायपुर. पिछले कई दिनों से देश भर की महिलाएं पापड़ बनाने के लिए मौसम विभाग की हरी झंडी का इंतज़ार कर रहीं थीं। दरअसल, पापड़ बनाने के बाद अगर अचानक बारिश हो जाए तो सारे किये कराये पे पानी फिर जाता है और देश की GDP पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। लेकिन अब मौसम विभाग ने एलान कर दिया है कि गर्मियों के दिन वाकई में शुरू हो गए हैं और बारिश पड़ने का भी कोई डर नहीं है, अतः महिलाएं जी भरकर पापड़ बना सकती हैं।

Papad
बतियाते-बतियाते पापड़ बनातीं सुषमा जी और उनकी पड़ोसनें

मौसम विभाग के इस एलान के बाद महिलाओं मे ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। सबने पापड़ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। संदूक से पुराने ‘साँचे’ निकाल लिए गए हैं और ‘कितने किलो का पापड़ बनाना है?’ इस पर घरों में बहस शुरू हो गई है। पुराने अख़बारों मे पापड़ की नई-नई रेसिपीज खंगाली जा रही हैं।

जवाहर नगर की श्रीमति सुषमा मैडम ने बताया कि “मैं कल ही चिंटू के पापा से कह रही थी कि इस रविवार को पापड़ बनाने मे मेरी मदद कर देना जी! अब तो मौसम भी खुल गया है, तो उन्होंने भी ‘हाँ’ कर दी। इस बार मैं पांच किलो तो कम से कम बनाऊंगी। वो क्या है ना! पिछले साल तीन किलो का बनाई थी, जो अगस्त में ही ख़तम हो गया।”

“ये बगल वाली ऊषा मैडम है ना! हमेशा झूठ बोलती है! हर साल दस किलो का बनाती है और मुझे पांच किलो ही बताती है। सही-सही बता देगी तो कौन सा उसका पापड़ कम हो जाएगा। बात करती है!” -सुषमा जी ने मुंह बिचकाते हुए कहा।

“लेकिन आप पापड़ घर मे क्यों बनाती हैं? दूकान से क्यों नहीं लेती?” यह सुनकर वो लजाते और मुस्कुराते हुए बोलीं- “वो क्या है ना, घर में बनाते हैं तो सहेलियों से बात करने का बहाना भी मिल जाता है, और क्या!”

उधर, प्रधानमंत्री मोदी ने भी इन महिलाओं को शुभकामनाएँ दी हैं। पापड़ टूटे नहीं इसके लिए सावधानी बरतने की भी सलाह दी है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं सबसे अच्छे पापड़ बनती हैं। मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी, पापड़ के बहाने अपनी चुनावी रोटियाँ सेंक रहे हैं।



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