Friday, 24th March, 2017
चलते चलते

मिठाई का नाम बदलकर 'अग्रवाल' करने पर विचार कर रही है केंद्र सरकार

24, Dec 2014 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. देश में मिठाई का नाम बदलकर ‘अग्रवाल’ किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार एक अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है। मिठाई की जिन दुकानों का नाम अभी ‘अग्रवाल स्वीट कॉर्नर’ नहीं है, उनका नाम भी जल्द ही बदल दिया जायेगा।

केंद्र के इस फ़ैसले पर सामाजिक विश्लेषकों का मानना है, “चूंकि हमारे देश के अधिकांश नागरिक खाने के बाद मीठा खाने के शौकीन हैं इसलिए मोदी सरकार ने उन्हीं के मिष्ठीकरण के लिए यह लोक-लुभावन फ़ैसला लिया है।”

Sweet Shop
नाम में बहुत कुछ रखा है

उधर, मीठा खाने वाले समुदाय ने सरकार के इस कदम का मुंह खोलकर स्वागत किया है। ‘मिठाई उपभोक्ता संघ’ के अध्यक्ष मधुर मनोहर ने इस ख़बर पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि “यह तो एक दिन होना ही था क्योंकि मिठाई और अग्रवाल में कोई फ़र्क ही नहीं है।”

लाजपत नगर निवासी और मीठे के बहुत बड़े शौकीन राजकुमार वर्मा ने फ़ेकिंग न्यूज़ के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरी पत्नी कल कह रही थी कि आयुषी कल से ही ज़िद कर रही है, ऑफ़िस से लौटते हुए दो किलो काले अग्रवाल लेते आना। मैं समझ गया कि वो गुलाब जामुन मंगा रही है।”

लाजपत नगर में एक स्वीट कॉर्नर के मालिक छन्नूलाल मिश्रा ने फ़ेकिंग न्यूज़ के संवाददाता को बताया कि “जब तक हमारी दुकान का नाम ‘मिश्रा मिष्ठान भंडार’ था, तब तक दिन भर बैठे मक्खी तलते रहते थे। एक दिन मेरे छोटे लड़के ने मुझसे लड़ते हुए कहा कि पापा जब तक आप दुकान का नाम बदलकर अग्रवाल स्वीट कॉर्नर करोगे, तब तक यहां एक भी कस्टमर नहीं आयेगा।

“और सच में चमत्कार हो गया! दुकान का बोर्ड बदलते ही हमारी किस्मत बदल गयी। पहले जो कस्टमर हर चीज़ में मीन-मेख निकालते थे, वही अब आंख मूंदकर ले जाते हैं। अग्रवाल का तो नाम ही काफ़ी है भाई साब!” -वो मुस्कुराते हुए बोले।

इसके बाद मिश्रा जी ने हमारे संवाददाता को मिठाई के पीस का चौथाई हिस्सा ऑफ़र करते हुए कहा- “लीजिए, अब कुछ अग्रवाल हो जाये!”



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