Wednesday, 13th December, 2017

चलते चलते

लड़के ने भिखारी को पैसे की जगह दी वनिला आइसक्रीम, भिखारी ने लौटाकर कहा सिर्फ़ चोको फ्लेवर ही खाता हूँ

17, Sep 2016 By Pagla Ghoda

दिल्ली: कल शाम कनॉट प्लेस में घूमते एक युवक को तब चक्कर आ गए जब एक भिखारी को दी हुई आइसक्रीम उस भिखारी ने न केवल लौटाई, ऊपर से घटिया आइसक्रीम देने के कारण उस युवक को लताड़ा भी। परमजीत सिंह पम्मी नाम का युवक जो अपने डैडी के कंस्ट्रक्शन बिज़नेस में हाथ बँटाता है। कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में अपनी तथाकथित गर्लफ्रेंड बिल्लो (नाम गोपनीय) के साथ घूम रहा था, जब ये घटना हुई।beggar'

पम्मी ने बताया, “यार डैडी जी नु मेरा बिल्लो दे नाल कुमना पसंद नी है, तो मैं कनॉट प्लेस जैसी पब्लिक जगहों पे उसके साथ ज़्यादा आता नहीं हूँ। पर बिल्लो ने ज़िद की तो आ गया। अब मुझे था के जल्दी से आइसक्रीम खा खु के निकल लेते हैं। पर तभी ये भिखारी आके मांगने मूंगने लगा। मैंने जी एक मिंट पहले दो छोटी वाली वनीला आइसक्रीम खरीदी थी। अब वनीला मुझे पसंद भी नहीं है भाईसाब, बिल्लो ज़िद करती है, तो खा लेते हैं हम भी। तो मैंने फट से आइसक्रीम उस भिखारी को पकड़ा दी। के भाई लेके चला भी जायेगा और मुझे भी नहीं खानी पड़ेगी। लेकिन वो तो भाईसाब मुझ पे चढ़ बैठा। बोला के मैं सिर्फ चोको या बटर स्कॉच खाता हूँ। और वो भी बड़ा वाला साइज, और वो भी सिर्फ “लन्दन डेरी” या मैग्नम जैसे बढ़िया ब्रांड वाला। मेरा भाई साहब बहुत माथा गर्म हुआ। मैंने कह तूने थप्पड़ थुप्पड़ खाने हैं? लेके फुट ले यहाँ से। पर सर वो तो नंगई पे उत्तर आया, आइसक्रीम साइड में फेंकी और उल्टा मुझे सौ रूपये थमा दिए, बोला बेटा मेरी तरफ से खा लेना बढ़िया वाली आइसक्रीम। मैंने तो लगाना था उसके रैप्ड एक, पर बूढा था, और फिर असी वि कुड़ियां दे नाल सीगे, ते छाडता असी।”

इस घटना का तथाकथित भिखारी जिसकी पहचान चोखेलाल के रूप में की गयी है कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में काफी बार भिक्षा मांगते देखा जाता है। फेकिंग न्यूज़ की टीम ने जब उससे इस मामले के बाबत बात करने की कोशिश की तो पहले तो उसने मना कर दिया। पर बाद में बीस रूपये नगद और बढ़िया कुल्फी वाला फालूदा ऑफर करने पर वो बात करने को राज़ी हुआ।

चोखेलाल नें बताया, “चवालीस साल से भीख मांग रहे हैं हम इनर सर्किल में। हमारे पिताजी का भी यही बिज़नेस था। खुद नेहरू जी कई बार हमें भीख दिया करते थे, आते जाते। स्टैण्डर्ड हमारा भाई साहब तब भी हाई था, और अभी भी है। दस रूपये तो हम कॉलेज के लौंडों से वसूल लेते हैं जो फ्रेंडज़ोन में होते हुए भी लड़की के साथ दिखाई पड़ते हैं। कोई सीरियस कपल हो तो हम बीस से कम में नहीं मानते, क्योंकि उन्हें कोई तंग करे उन्हें पसंद नहीं। शादीशुदा मर्दों से तो हम मांग के तंग करते नहीं क्योंकि वो बेचारे पहले ही तंग रहते हैं। खैर मैं मुद्दे से भटक गया था, तो इस लड़के ने साहब हमें घटिया वाली वनीला आइसक्रीम की कप थमा दी, जो की हमारे लिए काफी बेइज़्ज़ती वाली बात है। आइसक्रीम का वैसे हमे शौक बहुत है क्योंकि हमारी तो खुद की बहुत भारी फैक्ट्री है आइसक्रीम बनाने की होशियारपुर में, इसीलिए हमें सब ब्रांड भी पता हैं बढ़िया वाले। लेकिन हम प्रोफेशनल भिखारी हैं, नगद दो तो लेते हैं, नहीं तो खाने पीने की चीज़ें ज़्यादा लेते नहीं हैं। और कोई ग्राहक ऐसे चीपड़पना करे तो उसे उलटे पैसे थमा देने का भी जिगर रखते हैं, वही हमने इस केस में भी किया।”

इसी बीच चोखेलाल जी को उनके एप्पल iphone पर व्हाट्सएप्प आया और वो facetime कॉल करके बात करने लगे। काफी देर तक सीरियस अंदाज़ में बात करने के बाद उन्होंने कहा, “अच्छा साहब हमें अब जाना होगा। क्योंकि मेरे भांजे ने व्हाट्सएप्प किया है के कनॉट प्लेस के परली तरफ कुछ फॉरेनर बहक गए हैं और पांच-पांच सौ रूपये भीख बाँट रहे हैं। थोड़ा उस पैसे की बरसात में हम भी नहा लें। आप कभी मेरे वसंत कुञ्ज वाले विला पर आइये डिटेल में बात करेंगे।” यह कहकर चोखेलाल जी ने मुझे अपना बिज़नस कार्ड दिया जिस पे के “मैनेजिंग पार्टनर” का टाइटल था। फिर उन्होंने दूर मर्सेडीज़ के पास खड़े एक ड्राइव को इशारा किया और वह मर्सेडीज़ कोउनके पास लाने के लिए बैक करने लगा। चोखेलाल जी ने मुझे लिफ्ट भी ऑफर की, पर मेरी बस के आने का टाइम हो गया था।



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