Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

"भगवान ऊपर नहीं बल्कि धरती के नीचे है"- लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के वैज्ञानिकों का दावा

20, Jun 2016 By बगुला भगत

जिनीवा. ब्रह्मांड की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटे ‘लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर’ (LHC) के हाथ उससे भी बड़ी चीज़ लग गयी है। LHC के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि “भगवान ऊपर आसमान में नहीं बल्कि धरती के नीचे है। हमें इस बात के पक्के सबूत मिल गये हैं।”

LHC
“ओह माय गॉड! वो रहे गॉड…नीचे!”

LHC की इस खोज ने जापान से लेकर साइबेरिया तक पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी है। करोड़ों धार्मिक लोग भगवान के ‘नीचे’ मिलने से सदमे में हैं तो कुछ जश्न मना रहे हैं कि ‘ऊपर हो या नीचे, चलो कहीं मिले तो सही!’

फ्रांस-स्विट्ज़रलैंड बॉर्डर पर धरती के नीचे 27 किलोमीटर लंबी सुरंग में बनी प्रयोगशाला में वैज्ञानिक और रिसर्चर जश्न में डूबे हैं। LHC के इंजीनियर-इन-चार्ज मिर्को पोजेर ने फ़ेकिंग न्यूज़ को फ़ोन पर बताया कि “हम रोज़ की तरह ये पता लगाने में जुटे थे कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई, तभी हमें किसी के कराहने की आवाज़ सुनाई पड़ी कि ‘हे पिता इन फ़ेसबुक और ट्विटर वालों को क्षमा कर! ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं!”

“आवाज़ सुनते ही हम सबके मुंह से निकला- ओह माय गॉड! ये तो यीशू हैं!” -कहते कहते पोजेर की आवाज़ कांपने लगी।

फिर थोड़ी देर बाद बोले- “अभी तक जो लोग आसमान की ओर देखते आये हैं, उन्हें अब नीचे देखने की आदत डालनी होगी। हालांकि ये इतना आसान नहीं है।” इस पर प्रबुद्ध जैन नाम के दिल्ली के एक दुकानदार का कहना है कि “जिसने ऊपर देखना सिखाया है, वो नीचे देखना भी सिखा देगा।”

इस खोज के बाद सबसे ज़्यादा मुश्किल खिलाड़ियों को होने वाली है क्योंकि फ़ुटबॉलर हों या क्रिकेटर- सब गोल करने के बाद या विकेट लेने के बाद ऊपर की ओर मुंह उठाकर ही दौड़ते हैं। इमरान ताहिर जैसे प्लेयर्स को ख़ास सावधानी बरतनी पड़ेगी।

बात-बात पर ‘ऊपर वाले’ की कसम खाने वालों को अब ‘नीचे वाले’ की कसम खाने की आदत डालनी पड़ेगी। शोले के रहीम चाचा भी अब ‘आज पूछूंगा ऊपर वाले से…’ के बजाय ‘आज पूछूंगा नीचे वाले से…’ कहेंगे। राजेश खन्ना के फ़ैन्स को भी अब ‘ऊपर आका और नीचे काका’ की जगह ‘नीचे काका और उससे भी नीचे आका’ बोलना पड़ेगा।



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