Sunday, 24th September, 2017

चलते चलते

दस हज़ार रु. से कम रिश्वत लेते पकड़ा गया दरोगा, डीजीपी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

09, Sep 2016 By Ritesh Sinha

लखनऊ. सदर थाना में पदस्थ दरोगा फत्तेलाल यादव को दस हज़ार रु. से कम घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। एस पी साब उसी दिन सभी थानों का निरीक्षण कर रहे थे तभी उन्होंने इन दरोगा को तय रेट से कम घूस लेते हुए पकड़ लिया। दरोगा पर आरोप है कि उसने एक केस को रफा-दफा करने के लिए एकआरोपी से सिर्फ सात हज़ार रु. लिए थे। जबकि उस जुर्म के लिए मार्केट रेट अभी दस हज़ार से ऊपर चल रहा है।

एस पी से घूस लेने की शिक्षा लेता दरोगा
एस पी से घूस लेने की शिक्षा लेता दरोगा

घटना की जानकारी मिलते ही डीजीपी ने घटनास्थल का दौरा किया और आरोपी दरोगा को मार्केट रेट कम करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। दरोगा को घूस देने वाले हीरालाल ने बताया कि ‘मैंने अपने पड़ोसी के घर सेमुर्गी चुरा ली थी, पड़ोसी ने रिपोर्ट कर दिया तो दरोगा जी मुझे उठाकर थाने ले आए थे। केस रफा दफा करने के लिए दरोगाजी मुझसे बीस हज़ार रु.मांगने लगे। मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं थे तो कम करते करते डील सात हज़ार रु, में फिक्स हो गई। जब मैं पैसा दे ही रहा था तभी बड़े साहब ने हमें पकड़ लिया।’

हीरालाल ने डरते डरते बताया। थाना में दरोगा के जूनियर रतनलाल ने बताया कि “साहब! बड़े अच्छे आदमी हैं,जब भी कोई डील होती थी तो वो हमारा भी ख्याल रखते थे। उनका रिकॉर्ड बहुत अच्छा था, वो किसी भी केस में अपनी कीमत नहीं गिराते थे, लेकिन पता नहीं उन्हें आज क्या हो गया था। मुझे तो लगता है उस मुर्गी चोर ने ही हमारे दरोगा जी पर कुछ जादू टोना कर दिया होगा।” बहुत से लोगों का मानना है किदरोगा जी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे थे इसलिए उन्हें पता ही नहीं चला की वो क्या कर रहे हैं। उधर, कारण बताओ नोटिस में दरोगा को जमकर फटकार लगाई गई है, साथ ही उनसे पूछा गया है कि इतनी कम रिश्वत लेने की नौबत क्यों आ गई। दरोगा को 15 दिनों के अन्दर जवाब देने को कहा गया है। यदि आलाकमान उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो रिश्वत के आधे पैसे उनकी सैलरी से भी काटे जा सकते हैं।



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