Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

'खादी और स्वदेशी' पे भाषण देने आये युवा नेता की दिखी 'JOCKEY' की चड्डी

03, Sep 2017 By नास्त्रेदमस

पटना. हम भारतियों के बारे में कहा जाता है कि बाहर से हमारा पहनावा, हमारा रहन-सहन चाहे कितना भी विदेशी हो पर अंदर से हम पूरे हिंदुस्तानी होते हैं। मगर हमारे नेताओं के लिए यह बात थोड़ी उलटी पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ देखा गया बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘खादी और स्वदेशी’ के ऊपर हुए एक कार्यक्रम में।

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नेताजी के कुर्ते के नीचे से झांकती JOCKEY की चड्डी

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पे बुलाये गए थे एक युवा नेता, जो एक और भी बड़े नेताजी के सुपुत्र हैं। तो जी, युवा नेता जी ने अभी कुछ ही दिनों पहले पापा जी के कहने पे जीन्स और टी-शर्ट का त्याग करके सफ़ेद कुर्ता-पायजामा पहनना शुरू किया था, जो कि ऊपरी तौर पर आपको ‘मान्यता प्राप्त’ नेता बना ही देता है।

तो युवा नेता जी पूरी तैयारी के साथ ‘खादी और स्वदेशी’ के ऊपर चल रहे इस कार्यक्रम में आये। खादी के कुर्ते-पायजामे में वो आजकल के देसी घी से भी ज्यादा देसी नज़र आ रहे थे। भाषण भी उनके मैनेजर ने उनको बहुत अच्छा लिख के दिया था, जिसे वो अच्छे से रट के भी आये थे। जब उनको मंच पर आमंत्रित किया गया तो उन्होंने बहुत ही उम्दा तरीके से भाषण सुनाया। खादी और स्वदेशी के इतिहास, वर्तमान से लेकर भविष्य के बारे में उन्होंने बहुत सारी ज्ञान की बातें बताईं, जिन्हें सुनकर सारे श्रोतागण वाह-वाह कर उठे और हॉल तालियों से गूंज उठा। लगने लगा कि कल से ही ये सारे लोग खादी ही पहनने, ओढ़ने और बिछाने लगेंगे।

पर भाषण के आखिर में कुछ ऐसा हुआ कि श्रोताओं की सारी विदेशी नीतियां फूले हुए बबल गम की तरह “पट” करके फूट गयीं। हुआ यूं कि शानदार भाषण के लास्ट में नेताजी ने अपने दोनों हाथ ऊपर करके कहा, “आओ हम सब मिलकर क़सम खायें कि आज से विदेशी कपड़ों का बहिष्कार करेंगे!” इस हाथ उठाने के चक्कर में नेता जी कुर्ता भी ऊपर उठ गया और अंदर से उनकी विदेशी चड्डी बाहर झांकने लगी।

लोग सन्ना गए कि “ई का!! नेता बाबू तो अंदर से बिदेशी निकले!” हुआ यूं कि नेता जी थे आदत से मजबूर ‘low waist jeans’ पहनने वाले और आदतन उन्होंने पहन लिया था ‘low waist पायजामा’ और वहीं दिख गयी उनकी ‘JOCKEY की चड्डी’, जिस पे बड़ा-बड़ा लिखा था- ‘JOCKEY JOCJEY JOCKEY!’

मामला चौपट होते देख, नेता जी झट से कुर्ता नीचे करके मंच से उतर गए और मंच के पीछे किसी मसखरे ने मौके पे चौका मारते हुए’ गुलाल’ फ़िल्म का ये गाना लगा दिया-

“हाथ की खादी बनाने का ज़माना लद गया आज तो चड्डी भी सिलती इंग्लिसों की मिल में है सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए-क़ातिल में है”



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