Tuesday, 24th October, 2017

चलते चलते

आईटी कंपनी के कर्मचारी ने दो साल तक नहीं की किसी कलीग की बुराई, कंपनी ने नौकरी से निकाला

07, May 2017 By Gumraah

गुरुग्राम. इन दिनों आईटी कंपनियों में अप्रैजल यानि तनख्वाह में बढ़ोतरी-घटोतरी का दौर चल रहा है। ये कंपनियां अप्रैज़ल किस आधार पर देती हैं, यह रहस्य आज तक कोई एम्प्लॉयी नहीं जान पाया है। इन अप्रैजल्स में जहां कुछ गिने-चुने लोगों की तनख्वाह में बढ़ोतरी होती है, तो वहीं बाकी सारे रोते-कलपते रह जाते हैं। और तो और कइयों को तो अपनी जॉब से भी हाथ धोना पड़ता है।

IT Employee
माथा पकड़कर बैठे प्रेम प्रकाश तिवारी जी

ऐसा ही हादसा प्रेम प्रकाश तिवारी (जो ख़ुद को ‘पिरेम-पिरकास’ बोलते हैं) के साथ हुआ। दो सालों से एक आईटी कंपनी में घिसवा रहे पिरेम-पिरकास पर अप्रैजल लेटर किसी बम की तरह फटा, जब कंपनी ने उसे ‘प्रोफेशनल एटीट्यूड’ की कमी बताकर जॉब से रिलीव कर दिया।

इस सारे फसाद मामले की जड़ तक पहुंचने गये हमारे संवाददाता को कंपनी की एक सुंदर सी एचआर ने चहकते हुए बताया कि, “ही वाज़ गुड फ़ॉर नथिंग! तिवारी के अंदर ‘प्रोफेशनल एटीट्यूड’ की टोटल कमी थी। हमें पिछले दो साल से उसकी शिकायतें मिल रही थीं, इसलिये हम उसके ऊपर नज़र रखे हुए थे। उसे कई बार ‘रिमाइंडर्स मेल’ भी किये गये लेकिन वो नही बदला! इसलिये हमने उसे ही बदल दिया!” -कहकर वो अपनी लिपस्टिक ठीक करने लगी।

जब हमारे संवाददाता ने पूछा कि “आखिर ये ‘प्रोफेशनल एटीट्यूड’ होता क्या है?” तो वो भड़क गई और अंग्रेजी में कुछ गालियां (जो हमारे भोले संवाददाता को समझ में ही नहीं आयी) देने के बाद बोली कि “प्रोफेशनल एटीट्यूड मीन्स… इट मीन्स… यू नो ना व्हाट आई मीन टू से…इट्स…” फिर उसने दिमाग पे थोड़ा और ज़ोर डाला और बालों को झटक के बोली- “एक्चुअली उसने पिछले दो सालों में अपने किसी कॉलीग की कोई बुराई नहीं की। उसने कभी किसी के बारे में ये नहीं कहा कि ‘अरे कुछ नहीं आता उसे’ या ‘बॉस की चाट-चाट के यहां तक पहुंचा है’ एटसेट्रा..एटसेट्रा!”

फिर लिपस्टिक को दोबारा ठीक करते हुए बोली, “अगर कोई ऐसा एटीट्यूड रखेगा तो कंपनी ग्रो कैसे करेगी? दूसरे एम्पलॉइज मोटीवेट कैसे होंगे?” वो यह सब बता ही रही थी कि तभी लैपटॉप पर मैनेजर ने लंच के लिये ‘पिंग’ किया और वो वार्ता बीच में ही छोड़, चहकती हुई केबिन की और भाग गयी।



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