Saturday, 29th April, 2017
चलते चलते

एक महीने से बीमार व्यक्ति की किसी ने सुध नहीं ली, व्हॉट्सैप ग्रुप छोड़ते ही देखने पहुंचा पूरा परिवार

16, Sep 2016 By banneditqueen

उज्जैन. बैंक में क्लर्क की पोस्ट पे कार्यरत महेश जैन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। महेश का परिवार बच्चों की पढ़ाई के चलते इंदौर में रहता था। फैमिली ग्रुप में और अपने घर वालों को कई बार बीमारी के बारे में बताने के बाद भी किसी ने उसका हालचाल नहीं पूछा। उसने कई बार अपनी पत्नी और बच्चों को बताया की वह बीमार है पर सब ने कुछ न कुछ बहाना कर के उसके पास आ कर उसकी देखभाल करने से मना कर दिया।

महेश से मिलने आया उसका परिवार
महेश से मिलने आया उसका परिवार

जब उसने अपनी पत्नी को उज्जैन आकर उसका ख्याल रखने के लिये कहा तो पत्नी न जवाब दिया कि “पिंकी और राजू का स्कूल है अगले हफ्ते से टेस्ट भी हैं, आपके पास आई तो इनको कौन पढ़ाएगा?” महेश ने फिर फैमिली ग्रुप में भी लिखा कि वह बहुत बीमार है, सब ने जवाब तो दिया पर किसी ने उसकी देखभाल करने की बात नहीं कही। कुछ दिनों बाद गलती से महेश ने फैमिली ग्रुप छोड़ दिया। बैंक के काम वजह से वह काम में इतना व्यस्त हो गया कि फोन पर ध्यान ही नहीं गया। बैंक से घर लौटते ही उसने देखा की उसके परिवार वाले उसके दरवाज़े पर खड़े हैं।

पत्नी और बच्चे ज़ोर ज़ोर से रो रहे थे। महेश ने मन ही मन सोचा “वाह मेरे परिवारवाले कितना प्यार करते हैं मुझे शायद मुझे सर्प्राइज़ देने के लिये सब बहाने बना रहे थे।” महेश के पहुँचते ही बच्चे और पत्नी उससे लिपट कर रोने लगे। परिवार वालों ने एक स्वर में सबसे पहले यही सवाल पूछा “व्हॉट्सैप का फैमिली ग्रुप क्यों छोड़ दिया?” सवाल सुनके महेश अवाक रह गया। फिर सबने उसे बताया कि “ग्रुप छोड़ने के बाद से ही हमने तुम्हें कितने मैसेज और कॉल किये, जब तुमने किसी का जवाब नहीं दिया तो हम सब घबरा गये कि तुम्हें कुछ हो तो नही गया, इसीलिए पहली बस पकड़कर हम सब तुम्हें देखने आ गये।” महेश मे मन ही मन सोचा कि इतने दिनों से किसी ने हाल तक नहीं पूछा, यहाँ ग्रुप छोड़ते ही सब दौड़े चले आए, पहले पता होता तो सबसे पहले ग्रुप ही छोड़ देता|



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