Wednesday, 13th December, 2017

चलते चलते

मेरी पत्नी भी घटिया खाना देती है, मैंने तो फ़ेसबुक पे वीडियो नहीं डालाः एक पीड़ित पति का दर्द

20, Jan 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. जब से सेना के जवानों ने खराब खाने के बारे में शिकायत करते हुए वीडियो पोस्ट करना शुरू किया है, तभी से शैलेष टिपणिस के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। दरअसल, शैलेश जी जवानों की हालत देखकर दुखी नहीं हैं, बल्कि उनके दुःख का कारण दूसरा है। जब भी वो इन वीडियोज को देखते हैं, तभी उन्हें अपने बीवी की बनाई हुई दाल-रोटी याद आ जाती है। वही बिना तड़के वाली दाल, कम नमक और जली-भुनी रोटी! बेचारे शैलेष ये सब पांच सालों से झेल रहे हैं लेकिन उन्होंने आज तक इसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर नहीं डाला।

Man-crying
खाने की प्लेट को देखकर रोता शैलेष टिपणिस

फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए शैलेष ने अपना दुखड़ा सुनाया कि- “क्या बताऊँ भाईसाब! मेरी पत्नी हर रोज़ रोटी जला देती है और जब मैं कुछ कहता हूँ तो शेरनी की तरह गुर्राती है- “खाना है तो खाओ! वरना खुद बना लो।” और मैं बिल्ली की तरह दुबक जाता हूँ। अब कल की ही बात ले लो। जैसे ही मैंने कहा कि दाल में नमक कम है? तो उसने पूरी नमक की बरनी मेरी थाली में पटक दी और बोली- ‘ले लो जितना लेना है। बीपी बढेगा तब पता चलेगा तुम्हें!'”

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्हें रविवार के दिन भी कोई स्पेशल डिश नहीं मिलती। जब भी वो अपनी पत्नी से कहते हैं कि- ‘जानू! आज तो छुट्टी है, कुछ स्पेशल डिश बनाओ ना!’ तो श्रीमति जी ‘ओके जानू!’ कहने के बजाय घूरकर देखने लगती हैं।

“तो फिर आप भी इस अत्याचार का वीडियो बनाकर फेसबुक पर क्यों नहीं डाल देते?” यह सुनते ही शैलेष जी भड़क गए और बोले- “आप मेरे दोस्त हैं कि दुश्मन! मुझे घर से निकलवाना चाहते हैं क्या! अगर ग़लती से भी वीडियो बनाकर कहीं डाल दिया तो उसके मायके वाले खर्चा-पानी लेकर तुरंत आ चढ़ेंगे।” -शैलेष जी ने अपने पुराने अनुभव के आधार पर बताया।

इस बीच, इंडिया टुडे के एक सर्वे में पता चला है कि इंडिया के 50% पतियों की हालत शैलेष टिपणिस जैसी ही है। वे रोज़ अपने घरों में ‘भोज-अत्याचार’ सह रहे हैं। लेकिन इनमें से एक भी पति में इतनी हिम्मत नहीं है, जो बीएसएफ़ के जवान की तरह इस अत्याचार का वीडियो बनाकर फेसबुक पर डाल सके।



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