Monday, 27th February, 2017
चलते चलते

कमाल है! HR टीम 15 दिन हड़ताल पर रही और कंपनी में किसी को पता नही चला

10, Oct 2016 By bapuji

गुरुग्राम. अभी कुछ दिन पहले शहर की जानी-मानी मल्टी नेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी का HR स्टाफ़ अपनी माँगे मनवाने के लिए हड़ताल पर चला गया और काम को बिल्कुल बंद कर दिया। लेकिन उन्होंने अपनी हड़ताल को दो हफ़्ते तक चलाने के बाद कल अचानक बिना शर्त के वापस ले लिया। गुप्त सूत्रों से पता चला है कि पूरे दो हफ्ते तक कंपनी मैनेजमेंट को HR की हड़ताल का पता ही नही चला।

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एचआर की हड़ताल के बारे में सुनकर चौंकती कर्मचारी

“सब कुछ अपनी गति से चल रहा था। किसी भी ईमेल को भेजने में HR वालों को वैसे ही दो-तीन हफ्ते तो लग जाते हैं, इसलिए हमें सच में इस हड़ताल के बारे में कुछ भी पता नहीं चला क्योंकि सब कुछ वैसा ही था, जिसकी हमें आदत थी।” -मुख्य वित्त अधिकारी पी के लोटन जी ने बताया।

हड़ताल के वापस लेने की ई-मेल से सूचना देने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर HR समाज ने गहन चिंतन-मनन किया और हड़ताल की विफलता के लिए जूनियर HR प्रिया एंजेल को दोषी पाया। बताया जाता है कि मैनेजमेंट को हड़ताल की ई-मेल भेजने की ज़िम्मेदारी प्रिया की थी और उसने ई-मेल भेज कर काफ़ी तेज़ी से अपना लैपटॉप बंद किया और बोली- “लेट्स डू इट बेब्स!” लेकिन लैपटॉप स्लीप मोड मे जाने की वजह से ई-मेल उनके आउट बॉक्स मे ही रह गया। दो हफ़्ते बाद जब उसने अपना लैपटॉप खोला, तो वो वही पुरानी ई-मेल सेंड हो गयी, जिस हड़ताल को वापस लिया जा चुका था। एंजेल प्रिया ने इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के ऑपरेटिंग सिस्टम को ज़िम्मेदार ठहराया और ‘शिटी सॉफ़्टवेयर्स’ बड़बड़ाते हुए गुस्से से चली गयी।

कंपनी को इस हड़ताल का पता तब चला जब औकात से ज़्यादा पैकेज पाये एक नये हायर ने लेट होने पर घबराहट में कंपनी के बेसिक फोन पर कॉल कर दिया जो कि ग़लती से वित्त विभाग में लग गया और 3 हफ्ते की देरी की वजह पूछने गये एक अधिकारी को इसका पता चला। हड़ताल के प्रयोग को विफल देख कर HR नेतृत्व ने मानवाधिकार आयोग मे जाने का फ़ैसला किया है, जिससे कंपनी के मैनेजमेंट के हाथ पाव फूल गये हैं।



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