Sunday, 17th December, 2017

चलते चलते

दो साल रिसर्च करके कार खरीदने पहुंचा युवक, शोरूम छोड़कर भागे सेल्समैन

21, Dec 2016 By Ritesh Sinha

रायपुर. प्रगति नगर इलाके में रहने वाला अर्पित चंद्रवंशी दो साल पहले एक नई कार खरीदने वाला था। जैसे ही ये बात उसके दोस्त अमित को पता चली तो उसने उसे सलाह दी कि- “कार लेना कोई बच्चों का खेल नहीं है। पहले तू अच्छे से रिसर्च कर ले फिर खरीदने जाना। वरना तुझे बुद्धू बनाके खटारा पकड़ा देंगे शोरूम वाले। उनका क्या है? उन्हें तो कार बेचना है बस!”

Car
एक घंटे से व्हील कैप के बारे में पूछताछ करता अर्पित

अर्पित ने उसकी बात मान ली और उसने उस दिन से ही कार के बारे में रिसर्च करना शुरू कर दिया। हर रोज़ ऑफिस में और ऑफ़िस से घर आने के बाद लैपटॉप पर कारों के मॉडल और फीचर्स ही देखता रहता। वो जब भी किसी नयी कार वाले से मिलता तो उसे भी पका देता- ‘कितने में पड़ी? माईलेज कितना देती है? वगैरह-वगैरह?’

इसी तरह दो साल तक रिसर्च करने के बाद अर्पित कार के मामले में एक्सपर्ट हो गया। अब उसने कार खरीदने की ठान ली और पहुँच गया शोरूम। शोरूम पहुँचते ही सेल्समैन ने उसका स्वागत किया और कहा- “आईए सर! मैं आपको कार दिखाता हूँ।” तो अर्पित ने थोड़ा बनते हुए कहा- “रहने दो! मैं देख लूँगा।” और पूरे शोरूम का चक्कर लगाने लगा।

सभी कारों को घूर-घूरकर देखने के बाद वो सेल्समैन के पास आकर बोला- “ये पीली वाली कार का मैक्स टार्क कितना है? उस नीली वाली कार में बम्पर 2.5 CM छोटा क्यों है? इस वाली कार की गियर बॉक्स कहाँ बना है इंडिया में कि चाइना में? इसका बैटरी केबल मजबूत है कि नहीं?”

सेल्समैन सोच रहा था कि वो सिर्फ माइलेज के बारे में ही पूछेगा लेकिन इतने सारे सवाल सुनकर सेल्समैन की भी आँखें फट गयीं और मुंह खुला का खुला रह गया। उसे कुछ नहीं सूझा। “अभी सेठजी को बुलाकर लाता हूँ! वही बताएंगे।” यह कहकर वो अपने मालिक को बुलाने चला गया। थोड़ी देर बाद शोरूम का मालिक आया और अर्पित से बोला- “जी सर! बताइए मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?”

इतना सुनते ही अर्पित ने फिर से तीन-चार सवाल एक साथ दाग दिए- “इस वाली से अच्छा स्लिप रिंग कौन सी कार का है? उस ब्लैक कार का स्पार्क प्लग खोलके दिखाओ ना मुझे चेक करना है? उस रेड कार में रोटर और स्टेटर अच्छा वाला लगा है कि नहीं?”

अर्पित लगातार सवाल ठोंके रहा था और शोरूम में मौजूद सारे लोग सिर्फ उसका चेहरा देख रहे थे। जवाब कोई नहीं दे रहा था। सवालों से तंग आकर वहां से भागने का महान कार्य शोरूम के मालिक ने शुरू किया जिसे सेल्समैन ने आगे बढाया। थोड़ी देर बाद जब वहां कोई नहीं बचा तो अर्पित ने कहा- “अरे कहाँ चल दिए! रुकिए तो! खैर कल फिर किसी दूसरे शोरूम में ट्राई करूँगा।” यह कहकर घर लौट आया और फिर से लैपटॉप खोलकर बैठ गया।



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