Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

'आओ कभी हवेली पे' कहने वालों की बोलती बंद की परेशान युवक ने

28, Jan 2018 By chetna chauhan

मैनपुरी. रात को 8 बजे ऑफिस से आने के बाद राजू ने फ्लैट में हल्ला शुरू कर दिया। राजू की आवाज़ सुनकर पूरी बिल्डिंग के लोग इकठ्ठा हो गए। उनके अनुसार, ‘आओ कभी हवेली पे’ वाले जुमले से तंग आकर ही उसने ये कदम उठाया। राजू का कहना है कि ये नया अजीब फैशन शुरू हुआ है ‘आओ कभी हवेली पे’ बोलने का!

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“तू बुलाएगा मुझे हवेली पे!”

सूत्रों के अनुसार, फ्लैट में राजू के साथ उसके दो दोस्त गंगू और मांगू भी रहते हैं, राजू उन्हीं से चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा थाः

“तुम लोग क्या मुझे हवेली पे बुलाओगे सालो! महीनों से किराया दिए बिना मेरे फ्लैट में पड़े हो। और गंगू तू तो बम्बई से आया है, तूने हवेली तो छोड़, कभी तीन कमरे का फ़्लैट भी देखा है? हर बात पे दोनों यही कहते रहते हैं कि ‘आओ कभी हवेली पे!’ ले चलो कहाँ है हवेली? कैसी है हवेली? ज़रा मैं भी तो देखूं कहाँ है तुम्हारी हवेली!”

“मेरी किस्मत ही ख़राब है। हर जगह ऐसे ही लोग मिलते हैं मुझे। वो ऑफिस वाली मिन्की जब देखो तब कहती है ‘आओ कभी हवेली पे’, जबकि ऑफिस की बस तक में तो मुझे पास में बैठने नहीं देती। मिन्की की हवेली में जाकर क्या मैं झाड़ू मारूंगा! आजकल किसी से मदद भी मांगने जाओ तो कहते हैं आओ कभी हवेली पे! भाई मदद तुमसे लेनी है तुम्हारे दादाजी से नहीं, ये इनको समझ नहीं आता।” -राजू ने चिल्लाते हुए कहा।

इसके बाद उसने चेतावनी देते हुए गंगू और मांगू से कहा, “अगर एक बार और हवेली का नाम लिया तो तुम लोगों को अपने फ्लैट से निकाल फेंकूंगा, तब जाना हवेली में!”

ये सब सुनकर गंगू और मांगू ने जवाब दिया “हम तो तुझे हवेली नाम के ढाबे पर ले जाना चाहते थे, जो हाईवे पे पड़ता है। कई दिन से कुछ अच्छा खाया नहीं, सोचा कि तू खिलाएगा।”

हमारे गुप्त सूत्रों की मानें तो राजू के फ़्रस्ट्रेशन का असल कारण मिन्की की बेरुख़ी ही है और राजू का ये मोनोलॉग कार्तिक आर्यन के ‘प्यार का पंचनामा’ वाले सीन से प्रेरित था। परन्तु इस बात से भी मुँह नहीं मोड़ा जा सकता कि हमारे देश के युवाओं के अंदर ‘हवेली’ को लेकर काफी क्रेज़ बढ़ा है। ये युवा हवेली में बुलाकर क्या करना चाहते हैं, ये तो वही बंदा बता सकता है, जो कभी हवेली में गया हो!



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